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Company ने किया Terminate? भरनी है EMI और Loan Premium... तो कैसे करेंगे Finance Manage?

किसी भी कर्मचारी के लिए टर्मिनेशन या ले-ऑफ का मेल आता किसी झटके से कम नहीं हैं. लेकिन ऐसे में उसे आगे के लिए क्या रणनीति बनानी चाहिए, यह उसे पता होना चाहिए. साथ ही फाइनेंस को कैसे मैनेज करें?

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सोचिए रोज की तरह आप ऑफिस जाते हैं... लैपटॉप खोलते  हैं... मेल चेक करते हैं... और देखते हैं कि मेल आया हुआ है कि आपको टर्मिनेट या ले-ऑफ कर दिया गया है. इस मेल को देख आपको शॉक तो जरूर लगेगा, लेकिन यह केवल एक जॉब जाने तक सीमित नहीं होता. लेकिन यह आपके पूरे एक महीने का फाइनेंस स्ट्रक्चर को बिगाड़ सकता है. कैसे अगले महीने की EMI भरेंगे? बच्चों की फीस देंगे? SIP कैसे जाएगी?

पहले समझें खुद की मौजूदा हालत को

नौकरी जाने के बाद सबसे पहले लोग यह देखते हैं कि उनके बैंक खाते में कितनी सेविंग है. अगर कंपनी ने फुल एंड फाइनल सेटलमेंट किया भी है, तो वह कितने समय तक चलेगा. ऐसे में आपके लिए कई ऐसे काम हैं, जिन्हें आपको करना जरूरी है. सबसे पहले हर महीने के जरूरी खर्च लिखे, जैसे घर का किराया या EMI, बिजली-पानी का बिल, राशन, बच्चों की पढ़ाई और इंश्योरेंस का प्रीमियम. इससे काफी हद तक साफ हो जाएगा कि जबतक नौकरी नहीं मिलती, तो कितना टाइम सर्वाइव कर पाएंगे.

गैर-जरूरी खर्च पर लगाए फुल स्टॉप

पहले उन गैर जरूरी खर्च के बाहर के बारे में सोचें जो आप करते हैं. जैसे बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग, OTT सब्सक्रिप्शन और बेवजह की खरीदारी. नौकरी जाने के बाद फौरन इन सभी खर्चों पर रोक लगा दें. इसका मतलब यह नहीं कि जिंदगी रुक जाएगी, बल्कि सिर्फ जरूरी चीजों पर पैसा खर्च होगा और लंबे समय तक सर्वाइव कर पाएंगें.

निवेश को तुरंत न तोड़ें

कई लोग यह भी सोचते हैं कि फिलहाल सैलरी तो आएगी नहीं, तो बेहतर हैं कि निवेश को बंद कर दूं. लेकिन यह बड़ा कदम होगा. बेहतर यह होगा कि आप पहले इमरजेंसी फंड, बैंक बैलेंस और कंपनी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर निवेश को चालू रखें. रिटायरमेंट या लंबे समय वाले निवेश तभी तोड़ने चाहिए जब कोई दूसरा रास्ता न बचे.

EMI और लोन कैसे भरें

अगर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चल रहा है तो बैंक से जरूर बात करें. कई बार बैंक कुछ समय की राहत या दूसरी सुविधा दे सकते हैं. जैसे EMI को कम कर सकते हैं. जरूरी बात यह है कि EMI बिना बताए बंद न करें, क्योंकि इससे क्रेडिट रिकॉर्ड खराब हो सकता है.

नई नौकरी की तलाश को बनाएं काम

आखिर और सबसे जरूरी काम है कि हर दिन कुछ घंटे सिर्फ नौकरी खोजने में लगाएं. पुराने दोस्तों से बात करें. रिक्रूटर्स से कॉन्टैक्ट करें. अगर इस बीच फ्रीलांस, कॉन्ट्रैक्ट या कंसल्टिंग का काम मिल जाए तो उसे भी कम लें. ऐसा करने से आपके पास बेशक कम लेकिन इनकम होगी.

नौकरी जाने से काफी मुश्किले पैदा होती हैं, लेकिन यह हमेशा के लिए नहीं होता. इस समय सबसे जरूरी है कि हर फैसला सोच-समझकर लिया जाए. अगर खर्च कंट्रोल में रखें, बचत का सही इस्तेमाल हो और नौकरी की तलाश लगातार जारी रहे, तो इस मुश्किल दौर से आर्थिक नुकसान कम करते हुए बाहर निकला जा सकता है.