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India-EU FTA: स्टूडेट्स और प्रोफेशनल्स के लिए इस डील से क्या बदलेगा? 10 सवाल-जवाब में समझिए

India–EU FTA: यह समझौता छात्रों की मोबिलिटी को मजबूत करता है. MFN (मोस्ट फेवर्ड नेशन) प्रावधानों के जरिए EU देशों में भारतीय छात्रों को समान मौका मिलेगा, खासकर पोस्ट-स्टडी वर्क स्कीम्स में.

FAQs for Students & Professionals
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • भारत और EU के बीच मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनी
  • फ्री ट्रेड डील भारत-EU के लिए कैसे साबित होगी गेमचेंजर

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स में काफी उत्सुकता है. खासकर वे युवा जो पढ़ाई, नौकरी या नौकरी के लिए यूरोप जाना चाहते हैं उनके लिए मौके खुल सकते हैं. यह एग्रीमेंट बिजनेस के साथ-साथ सर्विस सेक्टर, प्रोफेशनल मोबिलिटी और स्टूडेंट एक्सचेंज को भी आसान बना सकता है. चलिए जानते हैं India–EU FTA से जुड़े 10 अहम सवाल और उनके जवाब.

सवाल 1: India-EU FTA से भारतीय छात्रों को क्या फायदा होगा?
जवाब: यह समझौता छात्रों की मोबिलिटी को मजबूत करता है. MFN (मोस्ट फेवर्ड नेशन) प्रावधानों के जरिए EU देशों में भारतीय छात्रों को समान मौका मिलेगा, खासकर पोस्ट-स्टडी वर्क स्कीम्स में.

सवाल 2: क्या यह समझौता भारतीय छात्रों को नौकरी की गारंटी देता है?
जवाब: नहीं. FTA नौकरी की गारंटी नहीं देता लेकिन जिन EU देशों में पोस्ट-स्टडी वर्क की सुविधा पहले से है, वहां नियम ज्यादा पारदर्शी और समान होंगे.

सवाल 3: किन प्रोफेशनल्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
जवाब: IT, डिजिटल सर्विसेज, कंसल्टिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेक्निकल सर्विसेज से जुड़े प्रोफेशनल्स के पास ज्यादा मौके होंगे.

सवाल 4: प्रोफेशनल मोबिलिटी की कौन-कौन सी कैटेगरी शामिल हैं?
जवाब: इसमें बिजनेस विजिटर, इंट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी, कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस सप्लायर्स, इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल्स और ट्रेनी शामिल हैं.

सवाल 5: इंट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी कितने समय तक रह सकते हैं?
जवाब: वे अधिकतम 3 साल तक EU में रह सकते हैं. जरूरत पड़ने पर 2 साल का एक्सटेंशन भी मिल सकता है.

सवाल 6: कितने सर्विस सेक्टर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए खोले गए हैं?
जवाब: कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस सप्लायर्स के लिए 37 सेक्टर और इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल्स के लिए 17 सेक्टर

सवाल 7: क्या फ्रीलांसर्स को भी फायदा मिलेगा?
जवाब: हां. फ्रीलांसर्स को इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल्स के रूप में 17 सर्विस सेक्टरों में कवर किया गया है, हालांकि स्थानीय नियम लागू रहेंगे.

सवाल 8: क्या भारतीय डिग्रियों को EU में अपने आप मान्यता मिलेगी?
जवाब: नहीं. ऑटोमैटिक रिकग्निशन नहीं होगा लेकिन भविष्य में प्रोफेशनल बॉडीज के बीच म्यूचुअल रिकग्निशन एग्रीमेंट का रास्ता खुलेगा.

सवाल 9: सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स का क्या होगा?
जवाब: सोशल सिक्योरिटी EU के सदस्य देशों के अधिकार क्षेत्र में रहती है.

सवाल 10: छात्रों और प्रोफेशनल्स को इसका फायदा कब मिलेगा?
जवाब: FTA के लागू होने के बाद. इसके लिए EU काउंसिल और यूरोपीय संसद की मंजूरी जरूरी होगी.

 

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