8th Pay Commission Salary Hike
8th Pay Commission Salary Hike
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू होने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं. इसी बीच एक बड़ी खुशखबरी आई है. दरअसल, FNPO (Federation of National Postal Organisation) ने 5 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट और मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 करने की मांग की है. यदि ये मांगें सरकार ने मंजूर कर ली तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हर साल बंपर बढ़ोतरी होगी. एरियर भी ज्यादा बनेगा. आपको मालूम हो कि अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी हर साल 3 प्रतिशत बढ़ती है. FNPO का कहना है कि 5% सालाना इंक्रीमेंट होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. FNPO का कहना है कि 3% सालाना इंक्रीमेंट आज के महंगाई के समय में काफी नहीं है. इससे प्राइवेट और संगठित सेक्टर से वेतन अंतर बढ़ता जा रहा है. 5% इंक्रीमेंट होने से सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की सैलरी का अंतर कम होगा.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर
8वें वेतन आयोग में कितनी सैलरी बढ़ेगी यह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के आधार पर तय की जाएगी. फिटमेंट फैक्टर वो गुणांक (Multiplier) होता है, जिसमें कर्मचारी की पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय होती है. फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, उतनी ज्यादा सैलरी बढ़ेगी. मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए है. यदि बेसिक सैलरी 18000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 2.57 है तो नई नई बेसिक सैलरी 46260 रुपए होगी. आपको मालूम हो कि 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था.
FNPO का फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या है प्रस्ताव
FNPO ने 8वें वेतन आयोग के लिए एक ही फिटमेंट फैक्टर के स्थान पर मल्टी-लेयर सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया है. आपको मालूम हो कि हर कर्मचारी को एक पे लेवल मिला हुआ है. लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक अलग-अलग बेसिक सैलरी तय है. FNPO ने लेवल 1 से लेवल 5 तक के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.00 रखने का प्रस्ताव रखा है. 3.00 फिटमेंट फैक्टर होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए से बढ़कर 54000 रुपए तक हो जाएगी. लेवल 1 से लेवल 5 तक के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.00 रखने की वजह सबसे ज्यादा रियल वेज लॉस और सबसे कम सैलरी बेस को बताया गया है. लेवल 6 से लेवल 12 के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.05 से 3.10 रखा गया है. इसका मकसद प्रमोशन और सीनियरिटी का फर्क बना रहे और Pay Compression से बचाव हो सके है. लेवल 13 से लेवल 15 (Senior Administrative Levels) में Level 13/13A के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.05 और लेवल 14/15 के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.15 रखा गया है. लेवल 16 के लिए 3.20 फिटमेंट फैक्टर और लेवल 17 और 18 के लिए 3.25 फिटमेंट फैक्टर रखा गया है.
कब से लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग
हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता है. 7वां पे कमीशन 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुआ है. 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मंजूरी सरकार ने जून 2016 में दिया था लेकिन इसे 1 जनवरी 2016 से लागू माना गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग को मंजूरी जब भी मिले लेकिन इसे 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा. आपको मालूम हो कि वेतन आयोग की रिपोर्ट बनने में 18-24 महीने लगते हैं. इसी के चलते इसे मंजूरी देने में समय लगता है. ऐसे में वेतन आयोग लागू होने की तारीख और सैलरी मिलने की तारीख एक जैसी नहीं होती. आपको मालूम हो कि 15 फरवरी 2025 की बैठक के बाद NCJCM (National Council of Joint Consultative Machinery) एक फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेगा. इस ड्राफ्ट को 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को भेजा जाएगा. इसके बाद ही तय होगा कि सरकार इनमें से कितनी मांगों को स्वीकार करती है.
क्या है वेतन आयोग
वेतन आयोग केंद्र सरकार की ओर से गठित एक आयोग है, जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की सिफारिशें करता है, ताकि महंगाई के अनुरूप जीवन स्तर सुधरे. केंद्र सरकार आमतौर पर हर 10 साल पर नए वेतन आयोग का गठन करती है. भारत में पहला वेतन आयोग 1946 में बना था.
कब किस वेतन आयोग का किया गया गठन
1st Pay Commission: 1947, खासियत- स्वतंत्र भारत की पहली सैलरी व्यवस्था.
2nd Pay Commission: 1959, खासियत- वेतन ढांचे में सुधार.
3rd Pay Commission: 1973, खासियत- महंगाई भत्ते को मजबूत किया.
4th Pay Commission: 1986, खासियत- पे स्केल में बड़ा बदलाव.
5th Pay Commission: 1996, खासियत- DA का बड़ा रोल.
6th Pay Commission: 2006, खासियत- पे बैंड + ग्रेड पे.
7th Pay Commission: 2016, खासियत- पे मैट्रिक्स सिस्टम
8th Pay Commission: प्रस्तावित 2026-27, मल्टी-लेयर फिटमेंट फैक्टर