ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है. आम टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है. बिजनेस क्लास (ITR-3 और ITR 4 फॉर्म) 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भर सकते हैं.
आम टैक्सपेर्स लास्ट डेट निकल जाने पर 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड यानी विलंबित रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जुर्माना देना होगा. यदि सालाना इनकम 5 लाख रुपए या इससे अधिक है तो 5000 रुपए लेट फीस और आय 5 लाख से कम है तो 1000 रुपए लेट फीस देनी होगी. बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प नहीं मिलेगा. आप व्यापार या कैपिटल लॉस को आगे नहीं ले जा सकते. इतना ही नहीं बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है. ऐसे में आप देरी मत कीजिए तुरंत आईटीआर दाखिल कर दीजिए. आप बिना सीए की मदद लिए घर बैठे सिर्फ 10 मिनट में आईटीआर फाइल कर सकते हैं? हम आपको बता रहे हैं ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने का तरीका क्या है और इसको भरने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए?
ITR फाइल करने के लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी
1. पैन से लिंक आधार कार्ड
2. PAN कार्ड
3. फॉर्म-16 (नियोक्ता द्वारा जारी)
4. फॉर्म 26AS
5. वार्षिक सूचना विवरण (AIS)
6. कर सूचना विवरण (TIS)
7. निवेश से जुड़े डॉक्यूमेंट्स (PPF, बैंक जमा आदि)
8. होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
9. बीमा प्रीमियम की रसीदें
10. धारा 80C, 80D आदि के तहत दावा किए जाने वाले दस्तावेज
11. आधार से वैलिडेट बैंक खाता
ITR फॉर्म सही चुनना जरूरी
आईटीआर दाखिल करने के लिए सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी होता है. आपको मालूम हो कि गलत आईटीआर फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से कुल 7 तरह के आईटीआर फॉर्म जारी किए जाते हैं. टैक्सपेयर्स अपनी इनकम के अनुसार आईटीआर फॉर्म चुन सकते हैं. सैलरी पाने वाले, पेंशन पाने वाले और साधारण ब्याज आय वालों के लिए ITR-1 फॉर्म होता है. कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए ITR-2 फॉर्म होता है. इसी तरह बिजनेस, फ्रीलांस, F&O या ट्रेडिंग करने वालों के लिए ITR-3 फॉर्म है. ITR-4 फॉर्म छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए होता है. यदि किसी टैक्सपेयर को यह समझ नहीं आ रहा कि कौन-सा आईटीआर फॉर्म दाखिल करना है तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध "Help Me Decide" विकल्प की मदद से अपनी पात्रता के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुन सकते हैं. करदाता आईटीआर दाखिल करते समय न्यू टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स में छूट प्राप्त करने के लिए बहुत सीमित विकल्प हैं जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम में करीब 70 तरीकों से डिडक्शन और टैक्स छूट का लाभ लेने का मौका मिलता है.
ऐसे घर बैठे ऑनलाइन ITR करें फाइल