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ITR Filing Last Date: टैक्सपेयर्स 31 जुलाई याद है न! इनकम टैक्स रिटर्न भरने की यह डेडलाइन मिस हुई तो सिर्फ 5000 रुपए लेट फीस ही नहीं, लगेंगे ये 5 बड़े जुर्माने

ITR Late Filing Penalty: टैक्सपेयर्स आपको याद है न वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2026 है. यदि यह डेडलाइन मिस हुई तो आपको 1000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक लेट फीस भरनी होगी. इतना ही नहीं कई और परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना तुरंत इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर दीजिए.

ITR Filing Last Date 31 July 2026 ITR Filing Last Date 31 July 2026

वित्त वर्ष 2025-26 (Financial Year 2025-26) के लिए के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने के लिए बस चंद दिन बचे हैं. आम टैक्सपेयर के लिए आईटीआर दाखिल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2026 है. यदि यह डेडलाइन मिस हुई तो करदाता को लेट फीस भरनी होगी. इतना ही नहीं कई और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा कई और जुर्माना भरना पड़ सकता है. हम आपको बता रहे हैं कि 31 जुलाई की आखिरी तारीख बितने या नियमों का पालन नहीं करने पर किन-किन स्थितियों में जुर्माना लग सकता है.

1. तो देनी पड़ेगी लेट फीस 
यदि कोई टैक्सपेयर आईटीआर भरने की अंतिम तारीख के बाद इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करता है तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फीस देनी पड़ सकती है. यदि करदाता की कुल टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए या उससे कम है तो  1000 रुपए की लेट फीस और 5 लाख रुपए से अधिक आय है तो 5000 रुपए लेट फीस भरनी होगी. 

2. हो सकती है दिक्कत
यदि किसी टैक्सपेयर ने 31 जुलाई से पहले आईटीआर दाखिल कर दिया है लेकिन बाद में ITR में कोई गलती पकड़ी गई और उसे समय पर ठीक नहीं किया तो दिक्कत हो सकती है. धारा 234-I के तहत देरी से संशोधित रिटर्न भरने पर 1000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक की फीस देनी पड़ सकती है. आपको मालूम हो कि यह राशि आपकी इनकम और लागू नियमों के आधार पर तय होती है.

3. तो लग सकता है 200% तक जुर्माना
यदि कोई टैक्सपेयर टैक्स को बचाने के लिए जानबूझकर अपनी इनकम यानी आय कम दिखाता है या गलत जानकारी देता है तो ऐसी स्थिति में धारा 270A के तहत बड़ी पेनल्टी लग सकती है. ऐसे मामलों में देय टैक्स का 50 प्रतिशत से लेकर 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय सभी जानकारी सही दें. 

4. इस स्थिति में भी लग सकता है जुर्माना
आपको मालूम हो कि इनकम टैक्स कानून में कैश ट्रांजैक्शन को लेकर भी नियम हैं. यदि कोई व्यक्ति नियमों के खिलाफ 2 लाख रुपए या उससे ज्यादा नकद लेता है तो धारा 269ST और 271DA के तहत जितनी राशि नकद ली गई है, उतनी ही रकम तक पेनल्टी लग सकती है.

5. सेल्फ असेसमेंट टैक्स 
यदि इनकम टैक्स कैलकुलेशन के बाद किसी करदाता के ऊपर कुछ टैक्स (Self-Assessment Tax) बकाया है और टैक्सपेयर ने उसे समय पर जमा नहीं किया तो धारा 140A और 221 के तहत कार्रवाई हो सकती है. आपको मालूम हो कि कुछ मामलों में बकाया टैक्स की राशि के बराबर तक पेनल्टी लग सकती है. इतना ही नहीं, इसके अलावा ब्याज भी देना पड़ सकता है.

समय पर फाइल करें ITR 
ITR को हमेशा समय से पहले फाइल कर देना चाहिए. इससे फायदा यह होता है कि रिटर्न का पैसा तो जल्दी आपके बैंक खाता में आता ही है, साथ ही आईटीआर फॉर्म में कोई गलती होने पर उसमें सुधारने का मौका भी होता है.  आईटीआर भरने के लिए सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना चाहिए. आईटीआर भरने के बाद ई-वैरिफिकेशन जरूर करना चाहिए क्योंकि इसके बिना ITR प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती है. आईटीआर फॉर्म में सभी इनकम के सोर्स सही-सही दर्ज करना चाहिए. आईटीआर भरने से पहले बैंक खाते और PAN की जानकारी जांच लें. यदि टैक्स बकाया है तो समय पर जमा करें.