ITR Filing 2026: क्या होता है एक्सेल यूटिलिटी? ITR-5 फॉर्म के लिए जारी, जानें किन्हें भरना होता है यह जरूरी

ITR-5 Excel Utility: असेसमेंट ईयर 2026–27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर-5 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दिया है. यहां आप जान सकते हैं क्या होता है एक्सेल यूटिलिटी और आईटीआर-5 फॉर्म किनके लिए भरना जरूरी होता है? 

ITR-5 Excel Utility
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:30 PM IST

Who Can Use the New ITR-5 Excel Utility: टैक्सपेयर्स (Taxpayers) आपको मालूम हो कि असेसमेंट ईयर 2026–27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) अलग-अलग कैटगरी के करदाताओं के लिए लगातार एक्‍सेल यूटिलिटी (Excel Utility) जारी कर रहा है. आयकर विभाग ने 8 जुलाई 2026 को आईटीआर-5 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी को जारी किया है. यह अब आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. इस संबंध में इनकम टैक्‍स विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट भी किया है. 

आपको मालूम हो कि आयकर विभाग की ओर से सबसे पहले 15 मई 2026 को ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी की गई थी. फिर 27 मई 2026 को ITR-2 के लिए ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा शुरू की गई. इसके बाद 19 जून 2026 को ITR-3 के लिए न सिर्फ ऑनलाइन फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, बल्कि उसकी एक्सेल यूटिलिटी भी जारी कर दी गई. अब आयकर विभाग ने ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध करा दी है. यहां आप जान सकते हैं क्या होता है आईटीआर फॉर्म, एक्सेल यूटिलिटी और आईटीआर-5 फॉर्म किनके लिए भरना जरूरी होता है? आपको मालूम हो कि वेतनभोगी करदाता और वैसे लोग जो आईटीआर-1 या आईटीआर-2 फॉर्म भरते हैं, उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक है. आईटीआर-5 भरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है. 

क्या होता है ITR फॉर्म 
आपको मालूम हो कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में सही ITR फॉर्म का चुनाव करना जरूरी होता है. यदि किसी ने गलत ITR फॉर्म का चुनाव कर लिया तो उसका रिफंड अटक सकता है. इतना ही नहीं इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस तक आ सकता है. आपको मालूम हो कि आईटीआर फॉर्म वह माध्यम है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपनी सालाना इनकम, डिडक्शन और उस पर लगने वाले टैक्स की जानकारी भरकर आयकर विभाग को देता है. कुल 7 प्रकार के ITR फॉर्म ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4, ITR-5, ITR-6 और ITR-7 होते हैं. किसको कौन सा आईटीआर फॉर्म दाखिल करना है, यह उसकी आय पर निर्भर करता है.

क्या है एक्‍सेल यूटिलिटी 
आपको मालूम हो कि एक्सेल यूटिलिटी एक ऑफलाइन टूल है. इसका इस्तेमाल ITR दाखिल करने के कार्यों को और आसान बनाने के लिए किया जाता है. किसी भी ITR फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटी को बेहद अहम माना जाता है. आयकर विभाग एक्सेल यूटिलिटी को उपलब्ध कराता है. टैक्सपेयर एक्सेल यूटिलिटी के जरिए ऑफलाइन आयकर रिटर्न तैयार कर सकते हैं. आयकर दाता एक्सेल यूटिलिटी की सहायता से अपनी वित्तीय जानकारियों को व्यवस्थित कर सकते हैं. वे टैक्स की गणना कर सकते हैं. इतना ही नहीं वे इंटरनेट के उपलब्ध नहीं रहने पर भी एक्सेल यूटिलिटी के जरिए रिटर्न तैयार कर सकते हैं. टैक्सपेयर रिटर्न तैयार होने के बाद इसे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि यह उन टैक्सपेयर्स के लिए अधिक उपयोगी होता है, जिनके पास अधिक वित्तीय विवरण होते हैं या जो ऑफलाइन तरीके से पहले पूरा डेटा तैयार करन के बाद में उसे ऑनलाइन जमा करना चाहते हैं. 

किनके लिए होता है ITR-5 फॉर्म 
आपको मालूम हो कि ITR-5 फॉर्म को इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स, कंपनियां या फिर NRI नहीं भर सकते है. इसके अलावा ऐसे लोग जिनके पास विदेशी इनकम या संपत्ति हो वे भी ITR-5 फॉर्म दाखिल नहीं कर सकते हैं. ITR-5 फॉर्म विभिन्न प्रकार की संस्थाओं और संगठनों के लिए होता है. ITR-5 फॉर्म को पार्टनरशिप फर्म, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP), Associations of Persons (AOPs), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI) और आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (AJP) भर सकते हैं. 

इसके साथ ही आईटीआर-5 फॉर्म मंदिर या धार्मिक संस्था, ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के लिए होता है. सहकारी समितियां, स्थानीय निकाय, सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 या किसी राज्य के संबंधित कानून के तहत पंजीकृत सोसाइटियां, ऐसे ट्रस्ट जिन्हें ITR-7 दाखिल करने की जरूरत नहीं होतीं, वे भी आईटीआर-5 फॉर्म भर सकते हैं. इसके अलावा मृतक या दिवालिया व्यक्ति की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली इकाइयों, इनकम टैक्‍स अधिनियम की धारा 160(1)(iii) और 160(1)(iv) के तहत आने वाले प्रतिनिधि असेसी को भी आटीआर 5 फॉर्म दाखिल करना जरूरी है. धारा 139(4ई) के तहत आने वाले बिजनेस ट्रस्ट और धारा 139(4एफ) के तहत आने वाले इन्वेस्टमेंट फंड भी इनमें शामिल हैं, जिन्‍हें आईटीआर-5 फॉर्म भरना जरूरी होता है. 


 

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