देश के सबसे बड़े IPO में शामिल Jio Platforms ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है. मुकेश अंबानी की कंपनी के शेयर बुधवार को इश्यू प्राइस से 21 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए. निवेशकों ने इस IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया था और तीन दिनों में यह करीब 22 गुना सब्सक्राइब हुआ था. लिस्टिंग के साथ ही जियो देश की सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनी बन गई है. अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शेयर में कितनी तेजी देखने को मिलती है.
1,358 रुपये पर लिस्ट हुए शेयर
Jio Platforms के शेयर NSE और BSE पर 1,358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए. कंपनी ने IPO के लिए 1,119 रुपये प्रति शेयर का इश्यू प्राइस तय किया था. इस तरह शेयरों की लिस्टिंग करीब 21.36 फीसदी के प्रीमियम पर हुई. इस शानदार शुरुआत से निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छा फायदा मिला. लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब 12.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके साथ ही जियो ने मार्केट कैप के मामले में भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया. कंपनी को Meta और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों का भी समर्थन हासिल है. जियो के पास 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं.
देश का सबसे बड़ा IPO बना Jio Platforms
मुकेश अंबानी की कंपनी का IPO करीब 30,218 करोड़ रुपये का था. इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बताया गया. यह इश्यू 21 से 23 अक्टूबर तक निवेशकों के लिए खुला था. कंपनी ने इसके तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए थे. IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया था. इस IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला. एंकर निवेशकों से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलने की खबर सामने आई थी. वहीं, तीन दिनों में यह कुल मिलाकर करीब 22 गुना सब्सक्राइब हुआ. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में करीब 67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि रिटेल निवेशकों की कैटेगरी 2.76 गुना भरी थी.
शेयर खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
लिस्टिंग के बाद अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि जियो के शेयर खरीदने चाहिए या मुनाफा लेकर निकल जाना चाहिए. ब्रोकरेज फर्म Nomura ने कंपनी पर Buy रेटिंग देते हुए 1,340 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. वहीं, Motilal Oswal Financial Services ने 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है.
विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में टैरिफ बढ़ोतरी, नए ग्राहकों के जुड़ने, होम ब्रॉडबैंड कारोबार के विस्तार और डिजिटल सेवाओं से कंपनी की कमाई बढ़ सकती है. 5G नेटवर्क पर बड़े निवेश का काम पूरा होने के बाद कंपनी के खर्च में भी राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस अनुमान हैं, गारंटी नहीं. शेयर में आगे तेजी आएगी या गिरावट, यह बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. इसलिए निवेश से पहले अपने जोखिम और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है.
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