Buy Now Pay Later
Buy Now Pay Later
आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और घर का सामान खरीदने के लिए लोग Buy Now, Pay Later (BNPL) और क्रेडिट कार्ड EMI का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन दोनों तरीकों से ग्राहक बिना पूरी रकम एक साथ दिए सामान खरीद सकते हैं और बाद में किस्तों में पैसे चुका सकते हैं. दिवाली के समय शॉपिंग के लिए कई लोग इन तरीकों का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन सवाल यह है कि BNPL और क्रेडिट कार्ड EMI में से कौन सा तरीका सस्ता है?
क्या होता है BNPL और क्रेडिट कार्ड EMI?
BNPL यानी Buy Now, Pay Later का मतलब है कि आप अभी सामान खरीदते हैं और उसका पैसा बाद में चुकाते हैं. कुछ कंपनियां ग्राहकों को बिना ब्याज के कम समय में भुगतान करने की सुविधा देती हैं. यह ऑप्शन कपड़े, जूते, गिफ्ट और छोटी खरीदारी के लिए उपयोगी हो सकता है.
वहीं, क्रेडिट कार्ड EMI में आप क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदकर उसकी रकम को हर महीने की तय किस्तों में चुका सकते हैं. यह तरीका महंगे मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और घरेलू सामान खरीदने में मदद कर सकता है. हालांकि, दोनों ऑप्शन पर लगने वाले चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं.
छोटी खरीदारी के लिए BNPL हो सकता है सस्ता
अगर ग्राहक छोटी खरीदारी का पैसा कुछ ही हफ्तों में चुका सकता है, तो BNPL उसके लिए कम खर्च वाला ऑप्शन हो सकता है. इसकी वजह यह है कि कुछ योजनाओं में तय समय के भीतर भुगतान करने पर ब्याज नहीं लगता.
लेकिन ग्राहक को यह जरूर देखना चाहिए कि कंपनी कोई प्रोसेसिंग फीस या दूसरा चार्ज तो नहीं ले रही है. भुगतान में देरी होने पर जुर्माना भी लग सकता है. इसलिए BNPL चुनने से पहले उसकी सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.
महंगे सामान के लिए क्रेडिट कार्ड EMI कितनी सही?
अगर आप 50,000 से 60,000 रुपये का मोबाइल या लैपटॉप खरीद रहे हैं, तो क्रेडिट कार्ड EMI एक उपयोगी ऑप्शन हो सकता है. इससे पूरी रकम एक साथ देने की जरूरत नहीं पड़ती.
क्रेडिट कार्ड EMI पर आमतौर पर सालाना 13 से 18 फीसदी तक ब्याज लग सकता है. इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस और उस पर GST भी देना पड़ सकता है.
जैसे अगर आप 60,000 रुपये का मोबाइल 15 फीसदी सालाना ब्याज पर 12 महीने की EMI से खरीदते हैं, तो आपकी मासिक किस्त करीब 5,415 रुपये हो सकती है. इस तरह कुल भुगतान लगभग 64,986 रुपये होगा. यानी ब्याज के रूप में करीब 4,986 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं.
जीरो कॉस्ट EMI के नाम पर भी हो सकता है नुकसान
कई कंपनियां BNPL पर जीरो इंटरेस्ट और क्रेडिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI का ऑफर देती हैं. लेकिन इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपको कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा.
कई बार नो-कॉस्ट EMI लेने पर ग्राहक को वह छूट नहीं मिलती, जो एक साथ पूरा भुगतान करने पर मिल सकती थी. जैसे किसी सामान पर एक साथ भुगतान करने पर 2,000 रुपये की छूट मिल रही है, लेकिन EMI लेने पर यह छूट नहीं मिलती. ऐसे में ग्राहक को मिलने वाला फायदा कम हो सकता है. इसलिए सिर्फ जीरो इंटरेस्ट या नो-कॉस्ट EMI देखकर फैसला न करें. दोनों ऑप्शन में कुल कितनी रकम चुकानी होगी, इसकी तुलना जरूर करें.
EMI चुकाने में देरी से खराब हो सकता है क्रेडिट स्कोर
BNPL और क्रेडिट कार्ड EMI की किस्त समय पर चुकाना बहुत जरूरी है. अगर आप भुगतान में देरी करते हैं, तो लेट फीस और दूसरे जुर्माने लग सकते हैं. साथ ही, भुगतान रिकॉर्ड क्रेडिट ब्यूरो तक पहुंच सकता है. इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है.
एक साथ कई BNPL सेवाओं या EMI का इस्तेमाल करने से हर महीने भुगतान का बोझ भी बढ़ सकता है. इसलिए अपनी आमदनी और खर्च को ध्यान में रखकर ही किस्त तय करें.
अगर आपको कम कीमत का सामान खरीदना है और आप कुछ ही हफ्तों में पूरा पैसा चुका सकते हैं, तो बिना अतिरिक्त चार्ज वाला BNPL बेहतर हो सकता है. वहीं, महंगे सामान के लिए क्रेडिट कार्ड EMI उपयोगी हो सकती है, खासकर जब उस पर अच्छी छूट या कम ब्याज मिल रहा हो.