स्टैनफोर्ड की पढ़ाई छोड़ शुरू किया किराना का स्टार्ट-अप, अब 60 मिलियन डॉलर का बिजनेस

आदित और कैवल्या को बचपन से ही अपने देश के लिए कुछ अलग करने का जूनून था, और दोनों ने ऐसा कर भी दिखाया, एक ऐप बना कर आज वो 10 मिनट में किराना का सामान डिलिवर कर रहे हैं. Nexus Venture, Global Founders, Lachy Groom और Neeraj Arora जैसी बड़ी कंपनिया इस ऐप को फंड भी दे रही हैं.

आदित पालिचा और कैवल्या वोहरा
नाज़िया नाज़
  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST
  • मुंबई के रहने वाले हैं आदित पालिचा और कैवल्या वोहरा
  • इनके ऐप के जर‍िये किराना का सामान डिलिवर होता है
  • Zepto को मिल रहा बड़ी कंपनियों का फंड

मुंबई के दो युवकों ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी छोड़कर Zepto ऐप की शुरुआत की. यह ऐप 10 मिनट में किराना का सामान डिलिवर करता है. ऐप स्टार्ट करने के साथ ही दोनों दोस्तों ने भारत के भीड-भाड़ वाले लेकिन तेजी से बढ़ते किराना डिलीवरी बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है.

Nexus Venture, Global Founders, जैसी बड़ी कंपनियां दे रही है फंड

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 साल के आदित पालिचा और कैवल्या वोहरा ने इस ऐप की शुरूआत इसी साल की थी. रविवार को मुंबई से संचालित स्टार्टअप की ओर से बयान जारी करके बताया गया कि Zepto को पहले से ही बड़ी कंपनियों फंड कर रही हैं, जिसमें Nexus Venture, Global Founders, Lachy Groom और Neeraj Arora शामिल हैं.

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी छोड़ लिया था स्टार्टअप शुरू करने का फैसला

पालिचा और वोहरा ने पिछले साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन लिया था, लेकिन ओरिएंटेशन वाले दिन ही कॉलेज ना जाने का फैसला किया और खुद का स्टार्टअप शुरू करने का इरादा बनाया, और कामयाब भी हुए. अभी इनका मकसद बेंगलुरु, मुबंई और दिल्ली से सटे इलाकों में सेवाएं देना है. इन तीन शहरों में विस्तार के साथ ही हैदराबाद, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में भी आने वाले समय में सेवाएं शुरू होगी.

पालिचा और वोहरा ने डिलीवरी के लिए 2,000 से ज्यादा अलग अलग समानों को डिलिवरी के लिए चुना, जिसमें  पान, पारंपरिक माउथ फ्रेशनर, पूजा की सामग्री, के अलावा खाने पीने की चीजें शामिल हैं. जिसमें से 100 सबसे ज्यादा खरीदी जाने वाली चीजों पर उनका फोकस ज्यादा था, इन समानों के ऑर्डर में आने की अच्छी पकड़ बना लेने के बाद अब ये दोनों दूसरी ड्राक स्टोर बनाने की तैयारी में है, जिसका मकसद साल 2022 में देश के आधे से ज्यादा शहरों में सामान बेचना होगा.

 

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