New Rules From 1st March 2026: रेल टिकट, UPI, सिम बाइंडिंग से लेकर गैस सिलेंडर की कीमत तक... 1 मार्च से बदल रहे ये बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Rules Changing from 1st March 2026: हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव होता है. 1 मार्च 2026 से भी वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है. ये चेंज सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे. आइए जानते हैं कैसे?

Rules Changing from 1st March 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

New Rules 1 March 2026: साल 2026 का तीसरा महीना मार्च शुरू होने वाला है. हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव होता है. 1 मार्च 2026 से भी वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है. ये बदलाव आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और फाइनेंशियल लेन-देन दोनों पर सीधे तौर से असर डालेंगे. आइए जानते हैं 1 मार्च से क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं.

1. रेलवे टिकट बुकिंग
1 मार्च 2026 से जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का पुराना तरीका बदलने जा रहा है. भारतीय रेलवे का पुराना UTS ऐप 1 मार्च से बंद किया जा सकता है. इसकी जगह अब नया RailOne ऐप पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इस नए एप पर जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और लोकल यात्रा से जुड़ी सभी सुविधाएं रहेंगी. यात्रिगण यात्रा से पहले ही RailOne ऐप डाउनलोड कर लें ताकि स्टेशन पर टिकट के लिए लंबी कतारों में न फंसना पड़े.

2.  सिम बाइंडिंग
केंद्र सरकार डिजिटल धोखाधड़ी और ओटीपी स्कैम पर लगाम लगाने के लिए 1 मार्च से सिम बाइंडिंग का कड़ा नियम लागू कर रही है. नए सिम बाइंडिंग नियम के तहत आपका WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स सीधे आपके सिम कार्ड से लॉक रहेंगे. यदि आप अपने फोन से सिम कार्ड निकालते हैं तो ये ऐप्स तुरंत काम करना बंद कर देंगे. अब बिना एक्टिव सिम के वाई-फाई के जरिए इन ऐप्स का क्लोन या इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं होगा. नए नियम के तहत जिस मोबाइल नंबर से आपका व्हाट्सएप अकाउंट बना है, वही सिम कार्ड आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए. अब तक यूजर्स 6 अंकों का ओटीपी डालकर लॉगिन कर लेते थे और बाद में सिम की मौजूदगी चेक नहीं होती थी लेकिन नए नियम के बाद ऐप को समय-समय पर यह सुनिश्चित करना होगा कि नंबर सक्रिय है और उसी फोन में मौजूद है.

3. हाई-वैल्यू UPI ट्रांजैक्शन
सरकार की 1 मार्च से डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी है. बड़ी रकम का ऑनलाइन ट्रांसफर अब सिर्फ UPI PIN से नहीं होगा. 1 मार्च से बैंक हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक्स या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर रहे हैं. यदि आप बड़ी राशि भेज रहे हैं तो फिंगरप्रिंट या फेस-आईडी जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है.

4. बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस
देश के बड़े सरकारी बैंक 1 मार्च 2026 से मिनिमम बैलेंस के कैल्कुलेशन का तरीका बदलने जा रहे हैं. पहले किसी एक दिन बैंक अकाउंट में बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी, लेकिन अब एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है यानी पूरे महीने के औसत बैलेंस के आधार पर तय होगा कि जुर्माना लगेगा या नहीं. यदि किसी दिन इमरजेंसी में आपके खाते से पैसे कम हो जाते हैं तो आप अगले कुछ दिनों में ज्यादा बैलेंस रखकर महीने का औसत बराबर कर सकते हैं और जुर्माने से बच सकते हैं.

5. रेंट एग्रीमेंट में बदलाव
1 मार्च 2026 से किराये के नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. नए या रिन्यू होने वाले रेंट एग्रीमेंट के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया जा सकता है. इसके साथ ही सिक्योरिटी डिपॉजिट को अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित करने और मकान मालिक के प्रवेश से पहले पूर्व सूचना जैसे प्रावधानों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किरायेदार और मकान मालिक के बीच विवाद कम हों. नई गाइडलाइन के तहत मकान मालिक बिना 24 घंटे पहले सूचना दिए घर में एंट्री नहीं कर सकेगा.

6. गैस सिलेंडर के घट सकते हैं दाम
सरकार हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price) में बदलाव करती है. एलपीजी के घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बदल जाते हैं. 1 मार्च 2026 से कीमतों में संशोधन हो सकता है. हो सकता है 1 मार्च से गैस सिलेंडर दाम घट जाएं. घरेलू रसोई गैस के उपभोक्ताओं की नजरें भी इस बदलाव पर टिकी रहेंगी.

7.  CNG, PNG और ATF के रेट
पेट्रोलियम विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के साथ CNG (सीएनजी) और पीएनजी (PNG) के दामों में भी संशोधन करती है. 1 मार्च 2026 को इनकी कीमतों में भी बदलाव देखा जा सकता है. ये बदलाव ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर असर डाल सकते हैं. सीएनजी की कीमतें घटने और बढ़ने से जहां वाहन पर होने वाले खर्च में इजाफा या राहत पहुंच सकता है तो वहीं, एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से हवाई यात्रा महंगी हो सकती है.


 

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