New vs Old Tax Regime: नौकरी-पेशा वाले लोग ध्यान दें! न्यू बनाम ओल्ड टैक्स रिजीम... किसमें होगी ज्यादा बचत और कैसे? ये समझ गए तो बच जाएगा टैक्स

Income Tax Return 2026: इनकन टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए टैक्सपेयर्स को दो विकल्प पहला ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम का मिलता है. हर साल ITR भरते समय नौकरी-पेशा वाले लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि Old Tax Regime चुनें या New Tax Regime. बहुत से लोग बिना हिसाब-किताब के ऑप्शन चुन लेते हैं और बाद में पता चलता है कि टैक्स ज्यादा कट गया. ऐसे में सही रिजीम चुनना जरूरी है. आइए जानते हैं किसके लिए कौन सी टैक्स रिजीम व्यवस्था बेहतर है? 

New vs Old Tax Regime
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 (New Financial Year 2026-27) की शुरुआत 1 अप्रैल से हो गई है. हर साल की तरह इस वर्ष भी टैक्सपेयर्स को इनकन टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करना होगा. आईटीआर दाखिल करने के लिए करदाताओं को दो विकल्प पहला ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम (Old Tax Regime) और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) का मिलता है. हर साल ITR भरते समय नौकरी-पेशा वाले लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम चुनें या न्यू टैक्स रिजीम.

बहुत से लोग बिना हिसाब-किताब के ऑप्शन चुन लेते हैं और बाद में पता चलता है कि टैक्स ज्यादा कट गया. ऐसे में सही रिजीम चुनना जरूरी है. आइए जानते हैं किसके लिए कौन सी टैक्स रिजीम व्यवस्था बेहतर है? आपको मालूम हो कि न्यू टैक्स रिजीम को भरना काफी आसान है, इसमें सालाना कमाई पर टैक्स छूट भी अधिक मिलता है, वहीं ओल्‍ड टैक्‍स रिजीम अभी भी कई लोगों के लिए बेहतर है. पुराने सिस्टम की खासियत है इसमें मिलने वाली ढेर सारी छूट मिलती है. आप डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं.

पुराना टैक्स सिस्टम में क्या-क्या मिलते हैं फायदे? 
ओल्ड टैक्स रिजीम यानी पुरानी टैक्स रिजीम में निवेश और कटौती के बाद 5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री है. इसके अलावा 50000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है. ओल्ड टैक्स रिजीम में 4 टैक्स स्लैब हैं. पहला टैक्स स्लैब 2.5 लाख रुपए का है. इसमें 0 प्रतिशत टैक्स लगता है. 2.5 से 5 लाख रुपए तक की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स, 5 से 10 लाख रुपए की इनकम पर 20 प्रतिशत टैक्स, और 10 लाख से अधिक की इनकम पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है.

ओल्ड टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत 5 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स देना होगा. ओल्ड टैक्स रिजीम में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ढेर सारी टैक्स छूट दी जाती है जैसे HRA, होम लोन के ब्याज पर 2 लाख तक की छूट, सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक का निवेश टैक्स फ्री, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, एजुकेशन लोन का ब्याज और डोनेशन पर टैक्स छूट. इतना ही नहीं बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर भी अब बढ़ी हुई छूट मिलती है. पुराना टैक्स सिस्टम में छूट पाने के लिए रेंट रसीद और LIC जैसे निवेश के सबूत देना अनिवार्य है

न्यू टैक्स रिजीम में क्या-क्या मिलते हैं फायदे? 
आपको मालूम हो कि न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट टैक्स सिस्टम है. इसका मतलब है कि यदि आप आईटीआर दाखिल करते समय नई या पुरानी कर व्यवस्था में से किसी का चयन नहीं करते हैं तो आपका टैक्स नई कर व्यवस्था के अनुसार ही काटा और जमा किया जाएगा. न्यू टैक्स रिजीम में यदि आपकी टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपए तक है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा. सैलरीड लोगों को 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है, जिससे 12.75 लाख रुपए तक की सालाना सैलरी पर टैक्स जीरो हो जाता है. इसके अलावा मील वाउचर, कंपनी की ओर से कार सुविधा, 15000 रुपए तक के गिफ्ट और NPS में एम्प्लॉयर का योगदान जैसे कुछ फायदे भी इसमें मिलते हैं. ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और फैमिली पेंशन पर भी तय सीमा तक छूट मिलती है. न्यू टैक्स रिजीम में किसी निवेश को दिखाने की जरूरत नहीं, यहां कैलकुलेशन काफी सरल और सीधा है.

न्यू टैक्स रिजीम में कितनी सालाना इनकम पर कितना लगता है टैक्स
1. 4 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 0 प्रतिशत टैक्स.
2. 4 से 8 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स.
3. 8 से 12 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 10 प्रतिशत टैक्स.
4. 12 से 16 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 15 प्रतिशत टैक्स.
5. 16 से 20 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 20 प्रतिशत टैक्स.
6. 20 से 24 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 25 प्रतिशत टैक्स.
7. 24 लाख रुपए से अधिक की सालाना इनकम पर 30 प्रतिशत टैक्स.
8. नोट: न्यू टैक्स रिजीम में 4 से 8 लाख रुपए तक की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स और 8 से 12 लाख रुपए तक की इनकम पर 10 प्रतिशत टैक्स सरकार सीधे माफ कर देती है

ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम में किसके लिए कौन बेहतर?
टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम में से किसी भी एक विकल्प को चुनने से पहले दोनों सिस्टम में अपनी टैक्स देनदारी की तुलना जरूर करनी चाहिए. यदि आप ज्यादा निवेश या टैक्स छूट का लाभ नहीं लेते हैं, तो नया टैक्स सिस्टम आपके लिए बेहतर और आसान रहेगा. यदि आप HRA, होम लोन, इंश्योरेंस और अन्य डिडक्शन का पूरा फायदा उठाते हैं तो ओल्ड टैक्स रिजीम ज्यादा बचत करा सकता है. रिजीम चुनने से पहले खुद सैलरी का कैलकुलेशन जरूर करें. आपको मालूम हो कि बचत और आपके खर्च ही तय करेंगे कि आपके लिए कौन सा रिजीम सही है. वैसे लोग जो टैक्स का भुगतान सरल तरीके से करना चाहते हैं, उन्हें न्यू टैक्स रिजीम ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.

 

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