Income Tax Return Filing 2026: क्या आप वरिष्ठ नागरिक हैं... पेंशन पाते हैं... तो जान लें कौन सा ITR फॉर्म भरना है सही?

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं. यदि आप वरिष्ठ नागरिक हैं और पेंशन पाते हैं तो आपको जरूर जानना चाहिए कि आपके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म सही है. गलत फॉर्म चुनने पर रिफंड तो अटकेगा ही आपके पास आयकर विभाग से नोटिस भी आ सकता है. आइए जानते हैं पेंशनर्स को कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना सही रहेगा.

ITR Filing 2026
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं. यदि आप वरिष्ठ नागरिक हैं और पेंशन पाते हैं तो आपको जरूर जानना चाहिए कि आपके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म सही है.

ITR Form का चयन आपकी उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि आपकी इनकम के स्रोत और आय की प्रकृति के आधार पर होता है. कई वरिष्ठ नागरिक यह मान लेते हैं कि पेंशन मिलने के कारण उन्हें हमेशा ITR-1 फॉर्म ही भरना है जबकि ऐसा नहीं है. गलत फॉर्म चुनने पर रिफंड तो अटकेगा ही आपके पास आयकर विभाग से नोटिस भी आ सकता है. आइए जानते हैं पेंशनर्स को कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना सही रहेगा.

आखिर क्या है आईटीआर 
आपको मालूम हो कि आईटीआर एक ऐसा फॉर्म है, जिसमें किसी व्यक्ति की कमाई और उस पर लगने वाले टैक्स की जानकारी भरा जाता है. इसमें सैलरी से हुई आमदनी, बिजनेस या प्रोफेशन के जरिए की गई कमाई, हाउस प्रॉपर्टी के जरिए इनकम, कैपिटल गेन्स के जरिए की गई कमाई, लॉटरी, रॉयल्टी इनकम, डिविडेंड, डिपॉजिट पर ब्याज आदि से की गई इनकम आती है.

कितने तरह के होते हैं आईटीआर फॉर्म
1.
आईटीआर फॉर्म 7 तरह के होते हैं.
2. आईटीआर-1 फॉर्म.
3. आईटीआर-2 फॉर्म.
4. आईटीआर-3 फॉर्म.
5. आईटीआर-4 फॉर्म.
6. आईटीआर-5 फॉर्म.
7. आईटीआर-6 फॉर्म.
8. आईटीआर-7 फॉर्म.
नोट: किस व्यक्ति को कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना होगा यह उसकी आमदनी और उसके नेचर पर निर्भर करेगा.

वरिष्ठ नागरिकों के लिए कौन-सा ITR फॉर्म सही 
आईटीआर-1 फॉर्म: ITR-1 फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए हैं, जिनकी कुल सालाना इनकम 50 लाख रुपए तक है और आय का स्रोत वेतन, पेंशन, अधिकतम दो मकान तथा ब्याज जैसी अन्य आय है. इसके अलावा 5000 रुपए तक कृषि आय और सूचीबद्ध शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपए तक का दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ भी इसमें शामिल किया जा सकता है. यदि उपरोक्त मानको में कोई पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिक आते हैं तो वे आईटीआर 1 फॉर्म दाखिल कर सकते हैं.

आईटीआर-2 फॉर्म: यदि किसी वरिष्ठ व्यक्ति की इनकम में दो से अधिक मकान, विदेशी संपत्ति, विदेशी आय, 5000 रुपए से अधिक कृषि आय, पूंजीगत लाभ, गैर-सूचीबद्ध शेयर या कंपनी में निदेशक पद शामिल है, तो उसे आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा.

आईटीआर-3 फॉर्म: यदि नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद कोई वरिष्ठ व्यक्ति कंसल्टेंसी, फ्रीलांसिंग, प्रोफेशनल प्रैक्टिस या व्यवसाय से इनकम कर रहा है तो उसे ITR-3 फॉर्म भरना चाहिए. 

आईटीआर-4 फॉर्म: ITR-4 फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जो अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) का विकल्प चुनते हैं और जिनकी कुल आय 50 लाख रुपए तक है.

...तो  ITR-1 नहीं होगा लागू 
यदि किसी पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिक को म्यूचुअल फंड, शेयर बिक्री या संपत्ति से पूंजीगत लाभ हुआ है तो ऐसे व्यक्ति पर ITR-1 लागू नहीं हो सकता. कई नौकरी से रिटायर्ड लोग कंसल्टेंसी या प्रोफेशनल सेवाओं से आय अर्जित करते हैं. इसके बावजूद वे ITR-1 या ITR-2 फॉर्म भर देते हैं. ऐसे मामलों में आईटीआर-3 फार्म या आईटीआर-4 फॉर्म उपयुक्त हो सकता है. यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को विदेश से पेंशन मिलती है और उसके पास विदेशी बैंक खाता है या विदेशी संपत्ति है तो उसे आईटीआर-2 या आईटीआर-3 फॉर्म दाखिल करना पड़ सकता है. आपको मालूम हो कि ऐसे मामलों में आयकर विभाग को अतिरिक्त जानकारी देना भी अनिवार्य होता है.

फॉर्म 26एएस, एआईएस और टीआईएस जरूर जांचें
इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 26एएस Form 26AS, Annual Information Statement (एआईएस) और Taxpayer Information Summary (टीआईएस) की जांच करना अति जरूरी है. वरिष्ठ नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेंशन आय, बैंक एफडी का ब्याज, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना का ब्याज, डिविडेंड आय, म्यूचुअल फंड या शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ और टीडीएस की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो. सिर्फ एआईएस में दिखाई गई जानकारी पर भरोसा न करें. फॉर्म 16/16A, बैंक स्टेटमेंट और वास्तविक इनकम के आंकड़ों से मिलान करना जरूरी है, ताकि आईटीआर भरते समय किसी तरह की गलती न हो.


 

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