PhonePe यूजर्स सावधान! एक साल तक वॉलेट नहीं चलाया तो कट सकते हैं 100 रुपये, जानें नया नियम

यह खबर डिजिटल पेमेंट ऐप PhonePe का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण है. कंपनी ने अपने वॉलेट से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई यूजर 365 दिनों तक PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करता है, तो उससे 100 रुपये तक का इनएक्टिविटी मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा सकता है.

Phonepe new update
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब अगर कोई यूजर अपने PhonePe Wallet का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे मेंटेनेंस शुल्क देना पड़ सकता है. कंपनी के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि किसी वॉलेट से लगातार 365 दिनों तक कोई वित्तीय लेनदेन नहीं होता है, तो उसे इनएक्टिव माना जाएगा. ऐसे मामलों में कंपनी 100 रुपये का इनएक्टिविटी मेंटेनेंस शुल्क वसूल सकती है.

PhonePe के इस फैसले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है. कई यूजर्स ने इस कदम की आलोचना की है. उनका कहना है कि अधिकांश लोग PhonePe Wallet का उपयोग नहीं करते, बल्कि सीधे अपने बैंक खाते से UPI के जरिए भुगतान करते हैं. ऐसे में वॉलेट के इस्तेमाल न होने पर शुल्क लगाना उचित नहीं है.

कैसे लगेगा इन एक्टिविटी शुल्क
कंपनी के अनुसार, 100 रुपये का शुल्क केवल उन वॉलेट्स पर लागू होगा जिनमें एक साल तक कोई वॉलेट ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है. सिर्फ PhonePe ऐप खोलना या बैंक खाते से UPI पेमेंट करना वॉलेट की गतिविधि नहीं माना जाएगा. शुल्क से बचने के लिए यूजर को वॉलेट के जरिए कम से कम एक वित्तीय लेनदेन करना होगा.

15 दिन पहले मिलेगा नोटिस
PhonePe ने कहा है कि शुल्क काटने से पहले यूजर्स को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा. यदि वॉलेट में 100 रुपये या उससे अधिक बैलेंस है तो कंपनी सीधे शुल्क काट सकती है. वहीं यदि वॉलेट में 100 रुपये से कम राशि है, तो उपलब्ध पूरी रकम काट ली जाएगी और वॉलेट का बैलेंस शून्य हो जाएगा. बैलेंस कभी भी निगेटिव नहीं किया जाएगा.

पहली कंपनी नहीं है PhonePe
हालांकि डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में इस तरह के शुल्क कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी कई फिनटेक कंपनियां निष्क्रिय वॉलेट्स पर शुल्क लगा चुकी हैं. MobiKwik ने वर्ष 2021 में इसी तरह की व्यवस्था लागू की थी. इसके अलावा Airtel Payments Bank भी पहले निष्क्रिय वॉलेट्स पर मेंटेनेंस शुल्क वसूलता था. पुराने नियमों के तहत तीन महीने तक वॉलेट का इस्तेमाल नहीं होने पर 20 रुपये तक शुल्क काटा जा सकता था. बाद में कंपनी ने इसे बदलकर वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क यानी AMC मॉडल लागू किया, जिसके तहत सक्रिय वॉलेट्स से सालाना 75 रुपये और उस पर लागू GST लिया जाता है.

PhonePe का यह नया नियम उन यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से अपने वॉलेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं. ऐसे यूजर्स समय रहते वॉलेट ट्रांजैक्शन करके इस अतिरिक्त शुल्क से बच सकते हैं.

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