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RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, अब 6 बड़े बैंकों ने महंगा किया लोन, जानिए कितनी बढ़ी आपकी EMI

RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की. इसके बाद रेपो रेट 5.50 फीसदी हो गया है. करीब चार साल बाद RBI ने पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है. बढ़ती महंगाई और कमजोर होती मुद्रा के बीच केंद्रीय बैंक ने आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के संकेत दिए हैं.

rbi repo rate
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:33 AM IST

अगर आप घर, कार या किसी दूसरी जरूरत के लिए बैंक से लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट बढ़ाने के बाद कई बड़े बैंकों ने अपनी कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक ने कुछ लोन दरों में बढ़ोतरी की है. नई दरें 8 अक्टूबर से लागू हो गई हैं.

RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की. इसके बाद रेपो रेट 5.50 फीसदी हो गया है. करीब चार साल बाद RBI ने पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है. बढ़ती महंगाई और कमजोर होती मुद्रा के बीच केंद्रीय बैंक ने आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के संकेत दिए हैं.

PNB ने बढ़ाई कर्ज की दर
देश के बड़े सरकारी बैंकों में शामिल PNB ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दिया है. नई दर 8 अक्टूबर से लागू हो गई है. हालांकि बैंक ने MCLR और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसलिए PNB के हर ग्राहक के लोन पर इसका एक जैसा असर नहीं पड़ेगा.

इन बैंकों ने भी बढ़ाई ब्याज दर
इंडियन बैंक ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) 7.95 फीसदी से बढ़ाकर 8.20 फीसदी कर दी है. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने RBLR को 7.90 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी किया है. बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपनी RBLR बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दी है. दोनों बैंकों की नई दर 8 अक्टूबर से लागू हुई है. इसके अलावा तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक ने RLLR को 8.25 फीसदी से बढ़ाकर 8.50 फीसदी कर दिया है.

आपकी EMI पर क्या पड़ेगा असर?
रेपो रेट से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर इसका असर पड़ सकता है. अगर आपका होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन या बिजनेस लोन EBLR/RLLR जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा है, तो ब्याज बढ़ने पर EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है. हालांकि हर ग्राहक की EMI तुरंत बढ़ेगी, ऐसा जरूरी नहीं है. इसका असर आपके लोन की ब्याज दर, बकाया रकम और लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है, इस पर निर्भर करेगा.

आगे और महंगा हो सकता है कर्ज
RBI के फैसले के बाद अब दूसरे बैंकों पर भी नजर है. अगर अन्य बैंक अपनी कर्ज दरों में बढ़ोतरी करते हैं, तो नए लोन लेना महंगा हो सकता है. वहीं मौजूदा ग्राहकों पर असर उनके लोन की ब्याज दर से जुड़े नियमों के हिसाब से होगा.

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