आम आदमी अपनी छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित रखने के लिए बैंक या दूसरी जगह निवेश करता है. इसी तरह कई लोगों ने सहारा ग्रुप की को-ऑपरेटिव सोसाइटीज में भी अपना पैसा जमा किया था. अब इन जमाकर्ताओं के वैरिफाइड क्लेम के आधार पर रिफंड की प्रक्रिया चल रही है. कई निवेशकों के खाते में क्लेम का पैसा पहुंच चुका है, लेकिन कुछ लोग अभी भी उम्मीद में बैठे हैं कि अज नहीं तो कल पैसा आ जाएगा. लेकिन इंतजार या उम्मीद लगाने से पैसे वापिस नहीं आएंगे. ऐसे स्थिति में इंतजार करने के बजाय यह देखना होगा कि आपका क्लेम किस स्थिति में है और कहीं उसमें कोई कमी तो नहीं बताई गई है.
क्यों रुक सकता है पैसा
अगर किसी जमाकर्ता के क्लेम में कोई कमी पाई जाती है तो उसका आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए रोका जा सकता है. आधिकारिक प्रक्रिया के मुताबिक, ऐसे जमाकर्ताओं को उनके क्लेम में मिली कमी की जानकारी CRCS-Sahara Refund Portal के जरिए दी जाती है. यानी अगर आपका क्लेम वैरिफाई नहीं हो पाया है तो पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद रिफंड न मिलने का कारण आपके दिख जाएगा.
कोई भी कंपनी अगर आपको रिफंड दे रही है तो बिना किसी वजह के आपका पैसा नहीं रोकती है. लेकिन डॉक्यूमेंट या फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया में जाने-अनजाने कोई गलती रह गई हो तो रिफंड की प्रक्रिया अटक सकती है. कई बार कुछ कागज अधूरे रह जाते हैं, बैंक अकाउंट आधार से मैच नहीं करता या बैंक खाते में दर्ज नाम और आईडी में नाम मैच नहीं होता. इसके अलावा अगर रिकॉर्ड में दर्ज नाम और आपके दस्तावेजों के नाम में अंतर होता है, तब भी क्लेम की जांच के दौरान कमी सामने आने की संभावना है और रिफंड में देरी हो सकती है. लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी दस्तावेज जुटाकर या डॉक्यूमेंट सुधारकर आप दोबारा आवेदन नहीं कर सकते. बिलकुल कर सकते हैं. इसके लिए अलग प्रक्रिया है. लेकिन क्या आइए जानते हैं.
कमी दूर करके दोबारा जमा कर सकते हैं क्लेम
जिन निवेशकों के क्लेम में कमी बताई गई है, वे पहले उस कमी को ठीक करें और इसके बाद Resubmission Portal पर जाएं. वहां जाने के बाद आप अपना क्लेम दोबारा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया उन दावों के लिए है जिन्हें पहले किसी कमी की वजह से रिफंड के लिए आगे नहीं बढ़ाया गया था. यानी अगर आपके आवेदन में कोई कमी बताई गई है तो आपको उसी के हिसाब से जरूरी सुधार करना होगा. इसके बाद ही क्लेम को दोबारा ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं.
रिफंड की प्रक्रिया कैसे होती है?
CRCS-Sahara Refund Portal पर जमा किए गए क्लेम की जांच पहचान और जमा रकम से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर की जाती है. वैरिफाइड और पात्र जमाकर्ताओं को भुगतान उनके आधार से जुड़े बैंक अकाउंट में किया जाता है. यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जा रही है. हालांकि भुगतान की सीमा समय-समय पर बढ़ाई जा रही है. अगर आपका क्लेम ज्यादा का है तो एक बार वेवसाइट पर लिमिट चेक कर अप्लाई कर सकते हैं. Resubmission Portal पर दोबारा जमा किए गए ऑनलाइन क्लेम को 45 दिनों के भीतर प्रोसेस किया जाता है.
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