सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति समझौते के संकेत मिलने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना. इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखा. सेंसेक्स 1200 अंक (1.50%) की तेजी के साथ 76,700 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 350 अंकों (1.53%) की तेजी है, ये 23,985 के स्तर पर आ गया है. सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से मिली, जो भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है.
बाजार खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सुबह 9:25 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1,097 अंक यानी 1.45% की तेजी के साथ 76,625 पर पहुंच गया. वहीं एनएसई निफ्टी 334 अंक बढ़कर 23,985 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. शुक्रवार को शुरू हुई तेजी सोमवार को भी जारी रही.
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से बढ़ा भरोसा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर रही. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के उप विदेश मंत्री ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच शुरुआती समझौता हो गया है. इससेहोर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं. दुनिया के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. तनाव कम होने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा.
कच्चे तेल में भारी गिरावट, भारत को मिलेगा फायदा
समझौते की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.59% गिरकर 83.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.02% टूटकर 80.62 डॉलर प्रति बैरल रह गया. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. ऐसे में तेल सस्ता होने से महंगाई पर दबाव कम होगा, चालू खाते के घाटे में राहत मिलेगी और रुपये को भी मजबूती मिल सकती है.
रियल्टी, ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी 2.75% की बढ़त के साथ सबसे बड़ा गेनर रहा. इसके बाद निफ्टी ऑटो 1.94% और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.79% चढ़े. सेंसेक्स शेयरों में इटरनल 3.88%, इंडिगो 3.79%, बजाज फाइनेंस 3.52%, अल्ट्राटेक सीमेंट 3.31%, बजाज फिनसर्व 3.03% और एलएंडटी 2.86% तक चढ़े.
आगे भी बाजार में तेजी की उम्मीद, लेकिन जोखिम बरकरार
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, 84 डॉलर से नीचे आया ब्रेंट क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है. इससे वित्त वर्ष 2026-27 में विकास दर और महंगाई के अनुमान बेहतर हो सकते हैं.
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