चांदी फिसलकर 2.49 लाख पर, सोना 1.40 लाख से भी सस्ता, जानें आज के गोल्ड और सिल्वर के रेट

गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार तीसरे दिन गिरावट है. आज यानी 2 फरवरी को वायदा बाजार में चांदी करीब 16 हजार रुपए गिर गई. तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.

Gold-Silver Prices
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST
  • अब तक 1 लाख 70 हजार सस्ती हुई चांदी
  • जानें आज के गोल्ड और सिल्वर के रेट

गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार तीसरे दिन गिरावट है. आज यानी 2 फरवरी को वायदा बाजार में चांदी करीब 16 हजार रुपए गिर गई. तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.

अब तक 1 लाख 70 हजार सस्ती हुई चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने पिछले गुरुवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाले वायदा भाव में इतिहास रचते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो का लाइफटाइम हाई बनाया था. लेकिन इसके बाद से गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया. अब तक चांदी अपने उच्च स्तर से 1,70,335 रुपये सस्ती हो चुकी है.

सोमवार को और सस्ती हुई चांदी
रविवार को करीब 9% की बड़ी गिरावट के बाद सोमवार को जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, चांदी और टूट गई. पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन ओपन होते ही कीमत 2,55,652 रुपये पर आ गई. कुछ ही मिनटों में यह और फिसलकर 2,49,713 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. यानी वायदा भाव में 15,943 रुपये की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की गई.

सोना गिरकर 1,43,321 रुपये पर पहुंच गया
सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा. बजट वाले दिन सोने में करीब 13,000 रुपये की कमजोरी आई थी, हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी जरूर हुई. रविवार को यह 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को कारोबार शुरू होते ही गिरकर 1,43,321 रुपये पर पहुंच गया. यानी 24 कैरेट सोना 4,432 रुपये तक सस्ता हो गया.

गौरतलब है कि सोने ने भी पिछले गुरुवार को 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया हाई बनाया था. इस स्तर से अब तक सोना 49,775 रुपये तक टूट चुका है.

सोने-चांदी में गिरावट की 2 बड़ी वजहें

प्रॉफिट बुकिंग का दबाव: हाल ही में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे. ऊंचे भाव का फायदा उठाने के लिए निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा और बाजार में गिरावट देखने को मिली.

फिजिकल मांग कमजोर: ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद ज्वेलरी और अन्य फिजिकल खरीदारी में सुस्ती आ गई. इसके अलावा औद्योगिक मांग को लेकर बढ़ती चिंता ने भी बाजार की धारणा कमजोर की, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा.

 

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