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जन्माष्टमी पर कान्हा के लिए चांदी के झूले की बढ़ी डिमांड, सूरत में 3.5 हजार से 8 लाख रुपए तक के पालने मिल रहे

जन्माष्टमी से पहले ज्वैलर्स की दुकानों पर चांदी के पालने खरीदने के लिए ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है. बाजार में अलग-अलग वजन और डिजाइन के पालने उपलब्ध हैं. कुछ पालने कुछ हजार रुपए में मिल रहे हैं, जबकि बारीक नक्काशी और आकर्षक कारीगरी वाले बड़े पालनों की कीमत लाखों रुपए तक है.

Janmashtami Lord Krishna
संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST
  • लकड़ी और चांदी का फ्यूजन भी पसंद आ रहा
  • चांदी का झूला अब भक्ति के साथ निवेश भी

जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही सूरत के बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं. इस बार कान्हा को चांदी के पालने में झुलाने का चलन भक्तों को खासा आकर्षित कर रहा है. सूरत के ज्वैलरी शोरूम में 11 ग्राम से लेकर 2 किलो तक वजन वाले चांदी के पालने उपलब्ध हैं. इनकी कीमत करीब 3.5 हजार रुपए से शुरू होकर 8 लाख रुपए तक पहुंच रही है.

छोटे पालने से लेकर 2 किलो तक के झूले
जन्माष्टमी से पहले ज्वैलर्स की दुकानों पर चांदी के पालने खरीदने के लिए ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है. बाजार में अलग-अलग वजन और डिजाइन के पालने उपलब्ध हैं. कुछ पालने कुछ हजार रुपए में मिल रहे हैं, जबकि बारीक नक्काशी और आकर्षक कारीगरी वाले बड़े पालनों की कीमत लाखों रुपए तक है. भक्त अपनी पसंद और बजट के हिसाब से पालने खरीद रहे हैं. कई लोग इन्हें घर के मंदिर में लड्डू गोपाल की सेवा-पूजा के लिए स्थापित करने के लिए ले जा रहे हैं.

चांदी का झूला अब भक्ति के साथ निवेश भी
इस बार चांदी के पालनों की खरीदारी को केवल धार्मिक आस्था से जोड़कर नहीं देखा जा रहा. चांदी के भाव में पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में कुछ ग्राहक इसे निवेश के नजरिए से भी देख रहे हैं. ग्राहकों का मानना है कि अगर आने वाले समय में चांदी के भाव और बढ़ते हैं तो अभी पालना खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है. यानी एक तरफ इससे ठाकुर जी की सेवा-पूजा होगी, वहीं दूसरी तरफ चांदी की कीमत बढ़ने पर इसकी वैल्यू भी बढ़ सकती है.

लकड़ी और चांदी का फ्यूजन भी पसंद आ रहा
बढ़ती चांदी की कीमतों के बीच ज्वैलर्स ने मध्यम वर्ग के ग्राहकों के लिए नए कॉन्सेप्ट भी बाजार में उतारे हैं. लकड़ी के पालने पर खूबसूरत नक्काशी कर उसके ऊपर चांदी की लेयरिंग की जा रही है. ये वुडन-सिल्वर फ्यूजन पालने देखने में काफी भव्य लगते हैं, लेकिन पूरी तरह चांदी से बने पालनों की तुलना में इनकी कीमत और वजन कम रहता है. यही वजह है कि पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन पसंद करने वाले युवा ग्राहक भी इन्हें पसंद कर रहे हैं.

ज्वैलर बोले- 20 ग्राम से 2 किलो तक के झूले तैयार
सूरत के वेसू इलाके में स्थित डी. खुशालभाई ज्वैलर्स के मालिक दीपक भाई चोकसी के मुताबिक, हर जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्त अपने लड्डू गोपाल को चांदी के झूले में झुलाने की इच्छा रखते हैं. इसी मांग को देखते हुए इस बार कई तरह के डिजाइन तैयार किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि उनके यहां 20 ग्राम से लेकर 2 किलो तक के चांदी के झूले उपलब्ध हैं. इसके साथ ही 20 ग्राम से लेकर 1 किलो तक वजन की लड्डू गोपाल की मूर्तियां भी रखी गई हैं. उनके मुताबिक, इस बार ग्राहकों ने धार्मिक उपयोग के साथ निवेश के नजरिए से भी चांदी के झूलों की खरीदारी की है.

भक्त बोलीं- बजट कम हो तो भी झूला जरूर लेंगे
ज्वैलरी शोरूम में झूला खरीदने पहुंचीं परिधि ने बताया कि जन्माष्टमी उनके परिवार के लिए खास त्योहार है. वह लड्डू गोपाल के लिए चांदी का झूला खरीदने आई हैं. उनका कहना है कि चांदी के दाम पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ गए हैं और भविष्य में कीमत और बढ़ने की संभावना है. इसलिए वह त्योहार के साथ इसे निवेश के तौर पर भी देख रही हैं. हालांकि, वह अपने बजट के हिसाब से कम वजन का झूला खरीदेंगी, लेकिन झूला जरूर लेंगी.

जन्माष्टमी के साथ बाजार में बढ़ी चांदी की चमक
जन्माष्टमी करीब आने के साथ सूरत के ज्वैलरी शोरूम में चांदी के पालनों की मांग बढ़ती जा रही है. कई ग्राहक एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं. कोई कान्हा को झूले में झुलाने के लिए पालना खरीद रहा है तो कोई इसे भविष्य के लिए निवेश मान रहा है.

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