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Gaya Iskcon Temple Janmashtami: गया के इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां, 108 कलशों से होगा महाभिषेक

बिहार के गया स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है. 1 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना के बीच 108 कलशों से महाभिषेक, 108 भोग और भंडारे का भव्य आयोजन किया जाएगा.

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इस्कॉन मंदिर गया इस्कॉन मंदिर गया

गया शहर के बीचों-बीच स्थित इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी को लेकर पूरे मंदिर परिसर को फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है. मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी लाइटें भी लगाई गई हैं. जन्माष्टमी के मौके पर भजन-कीर्तन के लिए मंदिर परिसर में चार अलग-अलग स्टेज बनाए गए हैं. वहीं, भगवान श्रीकृष्ण के लिए चार झूले भी लगाए गए हैं, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को रखकर श्रद्धालु झुलाएंगे.

एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
इस्कॉन मंदिर में इस बार गया शहर से करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है. इसके अलावा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके.

मंगला आरती के साथ शुरू होगा कार्यक्रम
इस्कॉन मंदिर के पुजारी सह प्रभारी जगदीस दास ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में फूलों की सजावट पूरी हो गई है और रंग-बिरंगी लाइटें लगाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के दिन सुबह भगवान की मंगला आरती होगी. इसके बाद श्रद्धालु भगवान के समक्ष मंत्र जाप करेंगे. मंदिर में श्रीकृष्ण कथा का आयोजन भी किया गया है. साथ ही कलश अभिषेक की भी व्यवस्था की गई है.

रात तक उपवास नहीं रखने वालों के लिए कलश अभिषेक
जगदीस दास ने बताया कि जो लोग रात तक उपवास नहीं रख सकते हैं, उनके लिए कलश अभिषेक रखा गया है. पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहेगा. इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण के लिए मंदिर परिसर में चार झूले लगाए गए हैं. आने वाले श्रद्धालु इन झूलों में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के दर्शन करेंगे और उन्हें झुला सकेंगे.

108 कलश के पानी से होगा महाभिषेक
जन्माष्टमी की रात 9 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा. इस दौरान भगवान को 108 कलश के पानी से स्नान कराया जाएगा. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के भोग लगाए जाएंगे. महाभिषेक और भोग के बाद मंदिर में महाआरती की व्यवस्था की गई है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की संभावना है.

महाआरती के बाद होगा भंडारा
महाआरती के बाद मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया है. मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूरे कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जन्माष्टमी के अगले दिन भी इस्कॉन मंदिर में आनंद उत्सव का आयोजन किया जाएगा. इसमें भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इस तरह जन्माष्टमी के दिन से लेकर अगले दिन तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, पूजा-अभिषेक और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा.
 

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