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Jensen Huang Success Story: 9 साल की उम्र में छोड़ना पड़ा देश, 30 साल में बनाई कंपनी, आज दुनिया की छठी सबसे बड़ी मार्केट कैप वाली कंपनी Nvidia के CEO हैं जेन्सेन हुआंग

Nvidia Story: एनवीडिया के फाउंडर और CEO Jensen Huang को 9 साल की छोटी सी उम्र में अपने देश ताइवान को छोड़ना पड़ा था. उनकी पढ़ाई-लिखाई अमेरिका में हुई. साल 1993 में जेन्सेन हुआंग ने एक रेस्टोरेंट में अपने दो साथियों के साथ मिलकर एनवीडिया कंपनी की स्थापना की थी.

जेन्सेन हुआंग ने साल 1993 में एनवीडिया की स्थापना की थी (Photo/Wikipedia)
शशिकांत सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2023,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया (Nvidia) का मार्केट कैपिटलाइजेशन एक ट्रिलियन डॉलर यानि एक लाख करोड़ डॉलर हो गया है. मार्केट कैपिटलाइजेशन में एनवीडिया दुनिया की छठी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. जबकि अमेरिका में 5वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बूम का फायदा कंपनी को मिला है.

इस साल कंपनी के शेयर करीब 110 फीसदी चढ़े हैं. इसके साथ ही एनवीडिया के फाउंडर और सीईओ जेन्सन हुआंग (Jensen Huang) की नेटवर्थ में भी तेजी से इजाफा हुआ है. हुआंग की नेटवर्थ 34.9 अरब डॉलर हो गई है. वो दुनिया में अमीरों की लिस्ट में 37वें नंबर पर आ गए हैं. 60 साल के जेन्सेन हुआंग ताइवान में पैदा हुए थे और अमेरिका में अपने कारोबार को बढ़ाया.

9 साल की उम्र में छोड़ना पड़ा ताइवान-
जेन्सेन हुआंग एनवीडिया के फाउंडर और सीईओ हैं. हुआंग का जन्म 17 फरवरी 1963 को ताइवान के ताइनान में हुआ था. एक रिपोर्ट के मुताबिक उनका बचपन ताइवान और थाईलैंड में बीता. जब वो 9 साल के थे तो उनका परिवार अमेरिका चला गया. उनका परिवार पहले केंटकी में रहा. उसके बाद ओरेगन में बस गया.

अमेरिका में हुई हुआंग की पढ़ाई-
जेन्सेन हुआंग की पढ़ाई-लिखाई भी अमेरिका में ही हुई. उन्होंने साल 1984 में ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. इसी साल पहला मैक कंप्यूटर जारी किया गया था. जिसे पर्सनल कंप्यूटिंग का एक युग शुरू हुआ. उन्होंने साल 1992 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की.

पढ़ाई पूरी करने के लिए हुआंग ने एलएसआई लॉजिक नाम की कंपनी में नौकरी की और चिप डिजाइन करने का अनुभव प्राप्त किया. हालांकि वो इस कंपनी में ज्यादा दिन तक काम नहीं कर पाए और उन्होंने कंपनी छोड़ दी. हुआंग ने एएमडी में एक माइक्रोप्रोसेसर डिजाइनर के तौर पर भी काम किया.

साल 1993 में एनवीडिया की स्थापना-
साल 1993 में जब हुआंग 30 साल के थे तो उन्होंने कुछ नया करने का प्लान किया. सन माइक्रोसिस्टम्स में काम करने वाले इंजीनियर क्रिस मैलाकोवस्की और ग्राफिक्स चिप डिजाइनर कर्टिस प्रियम के साथ मिलकर हुआंग ने अप्रैल 1993 में एनवीडिया की स्थापना की. तीनों ने व्यक्तिगत कंप्यूटरों के लिए एक बेहतर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) बनाने के लिए कंपनी की स्थापना की थी. कंपनी ने शुरू में पीसी गेमिंग के लिए ग्राफिक्स कार्ड विकसित करने पर जोर दिया. इस क्षेत्र में कंपनी ने खुद को जल्द ही स्थापित कर लिया.

लेकिन कंपनी सिर्फ गेमिंग पर फोकस नहीं करना चाहती थी. वो कुछ हटकर करना चाहती थी. इसके बाद कंपनी ने डेटा सेंटर और AI और दूसरे क्षेत्रों में काम करना शुरू किया. अब एआई प्रौद्योगिकी में कंपनी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है.

एक रेस्टोरेंट में हुई थी कंपनी की स्थापना-
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनवीडिया कंपनी की स्थापना एक रेस्टोरेंट में हुई थी. पूर्वी सैन जोस में तीन साथी एक रेस्टोरेंट में मिले. इस दौरान क्रिस मैलाकोवस्की, कर्टिस प्रियम और हुआंग ने कंपनी बनाने पर सहमति जताई और इस तरह से एनवीडिया कंपनी अस्तित्व में आई.

एक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुई कंपनी-
कंपनी का बिजनेस मॉडल ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और दूसरे कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स को डिजाइन और निर्माण करना है. कंपनी के GeForce ग्राफिक्स कार्ड दुनियाभर के गेमर्स के बीच लोकप्रिय हैं. एनवीडिया गेमर्स के लिए ग्राफिक्स कार्ड बनाती थी. लेकिन एआई चिप्स की बढ़ती मांग ने इस कंपनी को पंख लगा दिए. अब एनवीडिया का मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. अभी सिर्फ 5 कंपनियां एक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हैं. एनवीडिया मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की छठी सबसे बड़ी कंपनी है.

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