क्या है होम लोन ओवरड्राफ्ट? कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ, जानें इसके फायदे और नुकसान

ओवरड्राफ्ट एक तरह का लोन होता है. इसके चलते कस्टमर्स अपने बैंक अकाउंट से मौजूदा बैलेंस से ज्यादा पैसे निकाल सकते हैं. इसमें जितना अमाउंट निकालते है, उसे एक निश्चित अवधि के अंदर चुकाना होता है और इस पर ब्याज भी लगता है.

क्या है होम लोन ओवरड्राफ्ट?
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 05 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST
  • होम लोन ओवरड्राफ्ट एक तरह का लोन है जो कस्टमर्स को अपनी होम इक्विटी से पैसे उधार लेने की इजाजत देता है.
  • इसमें जितना अमाउंट निकालते है, उसे एक निश्चित अवधि के अंदर चुकाना होता है.

हर किसी का सपना होता है कि वो अपने सपनों का एक आशियाना बनाए और उसे अपने पसंद के रंगों से सजाए. पर ये इतना भी आसान नहीं है. बढ़ती महंगाई, जमीन के बढ़ते दामों और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में होने वाली दिक्कतों के चलते कई बार लोग घर खरीद नहीं पाते. ऐसे में उनकी इस समस्या के समाधान के लिए होम लोन की मदद ली जा सकती है. होम लोन की मदद से आप अपने सपनों का घर खरीद सकते हैं वो भी बिना किसी समस्या के.  

घर खरीदने की इच्छा रखने वालों के संघर्षों को नजरअंदाज करना लगभग असंभव है. अपने घर की सीढ़ी पर चढ़ने के लिए कई चुनौतियों के साथ, होम लोन चुकाना भी एक बड़ा कमिटमेंट है. कई बार लोन चुकाते-चुकाते लोगों की उम्र निकल जाती है, पर वो खत्म नहीं होते. ये होम लोन 20-30 साल तक चलते चले जाते हैं और अगर इन्हें छोटी अवधि के लिए चुना जाता है तो उनकी हाई ईएमआई भरना भी एक बड़ी समस्या है. नए जमाने के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन इस आर्थिक और मनोवैज्ञानिक बोझ को समझते हैं जिससे एक उपभोक्ता गुजरता है. इस बोझ को कम करने के लिए बैंक नई-नई सुविधाएं लेकर आते रहते हैं, उनमें से एक होम लोन पर ओवरड्राफ्ट सुविधा है. 

क्या है होम लोन ओवरड्राफ्ट? 

होम लोन ओवरड्राफ्ट एक तरह का लोन है जो कस्टमर्स को अपनी होम इक्विटी से पैसे उधार लेने की इजाजत देता है, जिसे शॉर्ट-टर्म क्रेडिट भी कहा जाता है. अगर आपको कोई आपातकालीन खरीदारी करने की जरूरत है और आपके पास कैश नहीं है तो यह सुविधा आपकी मदद कर सकती है. आमतौर पर हम सभी ये जानते हैं कि हम अपने बैंक अकाउंट से उतना ही पैसा निकाल सकते हैं, जितना उसमें जमा है. लेकिन, क्‍या हो अगर आपके अकाउंट में पैसे न हो और आपको जरूरत पड़ जाए? ऐसे समय में ही ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी काम आती है. यह एक तरह का लोन होता है. इसके चलते कस्टमर्स अपने बैंक अकाउंट से मौजूदा बैलेंस से ज्यादा पैसे निकाल सकते हैं. इसमें जितना अमाउंट निकालते है, उसे एक निश्चित अवधि के अंदर चुकाना होता है और इस पर ब्याज भी लगता है. ब्याज डेली बेसिस पर कैलकुलेट होता है. 

ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी कोई भी बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी दे सकती है. आपको मिलने वाले ओवरड्राफ्ट की लिमिट क्या रहेगी, यह बैंक या फाइनेंशियल कंपनी तय करते हैं. अलग-अलग बैंकों और फाइनेंशियल कंपनी में यह लिमिट अलग-अलग हो सकती है. हालांकि, यह महंगा भी हो सकता है. इसलिए, यह जानना जरूरी है कि आपके इस्तेमाल करने से पहले एक ओवरड्राफ्ट की लागत कितनी होगी.  

दो तरह की होती है ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी 

ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी दो तरह की होती है. एक सिक्योर्ड, दूसरे अनसिक्योर्ड. सिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट वह है, जिसके लिए सिक्योरिटी के तौर पर कुछ गिरवी रखा जाता है. आप FD, शेयर्स, घर, सैलरी, इंश्योरेंस पॉलिसी, बॉन्ड्स पर ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं. अगर आपके पास कुछ भी सिक्योरिटी के तौर पर देने के लिए नहीं है तो आप अनसिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ले सकते हैं.  

क्या हैं फायदे?

यह सुविधा उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो इनकम बढ़ने पर अपनी ईएमआई बढ़ाना चाहते हैं. आप अपने खाते में जो एक्स्ट्रा पैसा डालते हैं, वह आपके कुल बकाया मूलधन और ब्याज को कम करता है. तेजी से होम लोन रिपेमेंट का यह तरीका आपके लॉन्ग टर्म लोन को जल्द कम करने का एक शानदार तरीका है. साथ ही, होम लोन पर ओवरड्राफ्ट के साथ आप प्रीपेड पेनल्टी की हाई कॉस्ट से बच सकते हैं.  

पर्सनल लोन से बेहतर 

पर्सनल लोन के मुकाबले ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी एक बेहतर ऑप्‍शन है. अगर आप लोन लेते हैं तो उसके रिपेमेंट के लिए एक अवधि तय होती है. अगर कोई लोन को समय से पहले चुका दे तो उसे प्रीपेमेंट चार्ज देना होता है. लेकिन, ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी में आप तय अवधि से पहले भी बिना कोई चार्ज दिए पैसे चुका सकते हैं. ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी में ब्याज भी केवल उतने ही समय का देना होता है, जितने वक्त तक ओवरड्राफ्ट अमाउंट आपके पास रहा है. इसके अलावा आपको EMI में रिपेमेंट की भी जरूरत नहीं है. आप तय समयसीमा के अंदर कभी भी पैसे चुका सकते हैं. 

सामान्य होम लोन से बेहतर 

अगर आप ओरड्राफ्ट सुविधा के बगैर होम लोन लेते हैं और लोन अकाउंट में पूर्व भुगतान के रूप में कोई तय राशि जमा करते हैं तो उसे होम लोन में से कम कर दिया जाता है.  लेकिन जरूरत पड़ने पर जमा की गई एक्स्ट्रा राशि निकालने की सुविधा नहीं होती है. 

कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी अपने कुछ कस्‍टमर्स  को शुरू से ही ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देते हैं. वहीं कुछ कस्टमर्स को इसके लिए अप्रूवल लेना होता है. इसके लिए इंटरनेट बैंकिंग के जरिए भी अप्‍लाई किया जा सकता है. ओवरड्राफ्ट फैसेलिटी के अप्‍लाई करने से पहले प्रोसेसिंग फीस के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें. कुछ बैंक इसके लिए प्रोसेसिंग फीस भी लेते हैं. 

 

 

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