Advertisement

एक परीक्षा और 15 'मुन्ना भाई'... दुसरो की जगह दे रहे थे परीक्षा, फिर AI ने कर दिखाया कमाल!

आयोग के मुताबिक पहली पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 लोग दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए. यानी कुल 15 फर्जी परीक्षार्थियों का भंडाफोड़ हुआ. सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन्हें स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है.

UPTET exam
पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज ,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

फिल्मों में आपने 'मुन्ना भाई' स्टाइल में दूसरे की जगह परीक्षा देते लोगों की कहानी जरूर देखी होगी, लेकिन उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) में ऐसा ही नजारा हकीकत में देखने को मिला. फर्क सिर्फ इतना था कि इस बार सामने इंसान नहीं, बल्कि AI तकनीक थी. हाईटेक कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पैनी नजर से बचना आसान नहीं था. नतीजा यह हुआ कि दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे 15 'मुन्ना भाई' रंगे हाथों पकड़ लिए गए. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

AI कैमरों ने मिनटों में पकड़ ली चालबाजी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रदेश के 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा की निगरानी के लिए AI इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम बनाया था. पहली पाली सुबह 9.30 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक चली. आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में AI कैमरों के जरिए हर परीक्षा केंद्र पर नजर रखी गई. संदिग्ध गतिविधि दिखाई देते ही AI ने अलर्ट भेजा और जांच के बाद फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान हो गई.

पहली पाली में 7, दूसरी में 8 'मुन्ना भाई' धराए
आयोग के मुताबिक पहली पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 लोग दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए. यानी कुल 15 फर्जी परीक्षार्थियों का भंडाफोड़ हुआ. सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन्हें स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है.

8 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी थे पंजीकृत
2 जुलाई 2026 को हुई इस परीक्षा में कुल 8,07,636 अभ्यर्थी पंजीकृत थे. इनमें से 6,84,614 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. कुल उपस्थिति 84.76 प्रतिशत रही. महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.69 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.86 प्रतिशत दर्ज की गई.

नकल की हर चाल हुई फेल
आयोग का कहना है कि पूरे प्रदेश में परीक्षा पारदर्शी, नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग के साथ AI तकनीक ने भी परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अब परीक्षा में 'मुन्ना भाई' बनकर बैठना पहले जितना आसान नहीं रहा. AI की नजर से बचना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement