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पांच साल की उम्र में मिनी इनसाइक्लोपीडिया से कम नहीं है यह बच्चा, इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम  

Mini-Encyclopedia: पांच साल के हितेन को चलता फिरता इनसाइक्लोपीडिया कहा जा रहा है. इसका कारण है कि इस बच्चे को दुनिया के सारे देशों के राजधानी, उनकी मुद्राएं और राज्यों के नाम कंठस्थ हैं. भारत के पहले प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति से लेकर क्रमानुसार वर्तमान तक सभी के नाम हितेन को याद हैं.

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तेजश्री पुरंदरे
  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST
  • चलता फिरता इनसाइक्लोपीडिया है हितेन 
  • उम्र से ज्यादा है बौद्धिक क्षमता 

आमतौर पर एक पांच साल के बच्चे की बौद्धिक क्षमता उतनी ही होगी जितना उसे स्कूल या कक्षा मे पढ़ाया जाता है. लेकिन आज हम आपको पांच साल के एक ऐसे बच्चे के बारे में बताने वाले हैं जिसका सामान्य ज्ञान देखकर आप हैरान रह जाएंगे. इतना ही नहीं इस बच्चे की बौद्धिक क्षमता भी सामान्य बच्चों से कई गुना बेहतर है. दिल्ली में रहने वाले हितेन कौशिक की उम्र तो पांच साल की है लेकिन उनकी प्रतिभा उनकी उम्र को मात दे देती है.

उम्र से ज्यादा है बौद्धिक क्षमता 

अधिकांश पांच साल के बच्चों को बुनियादी चीजों जैसे कि वर्णमाला, आकार या रंग के बारे में जानकारी होती है लेकिन हितेन इन सबसे कई गुना आगे हैं. यह बच्चा भारत के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी राज्यों के नाम पढ़ सकता है. वह संस्कृत, अंग्रेजी और फ्रेंच का भी ज्ञान रखता है. अपनी विलक्षण बुद्धि के लिए हितेन का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है. अब हितेन का लक्ष्य एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाना है.

चलता फिरता इनसाइक्लोपीडिया है हितेन 

हितेन को दुनिया के सारे देशों के राजधानी, उनकी मुद्राएं और राज्यों के नाम कंठस्थ हैं. भारत के पहले प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति से लेकर क्रमानुसार वर्तमान तक सभी के नाम हितेन को याद हैं. इसके अलावा भारत के नक्शे पर कौन सा राज्य कहां है यह भी वह चंद सेकेंड्स में बता देता है. इस बीचे को राज्यों के सभी जिलों के नाम भी मुंह जबानी याद हैं. इसके अलावा भी और भी कई सारी चीजें है जो उसे ऐसे याद हैं जैसे ​मानों वो चलता फिरता इनसाइक्लोपीडिया हो. 

बचपन से ही है समझदार 
 
हितेन की मां प्रीति बताती हैं कि शैक्षणिक ज्ञान के अलावा उसे हिन्दी और संस्कृत के दोहे, श्लोक, चालीसा और पाठ भी कंठस्थ है. हितेन के पिता पंकज कौशिक बताते हैं कि हितेन को बचपन से ही चीजें बहुत जल्दी याद हो जाती थी. इसके अलावा हितेन की मां ने उसकी बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए बहुत काम किया. कौशिक के माता-पिता को उससे बहुत उम्मीदें हैं और चाहते हैं कि वह जीवन में बहुत सफल हो.


 
 

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