उत्तर प्रदेश में एक तरफ सरकारी टीचर जनगणना में लगे हैं तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग का एक नया फरमान आया है. अब सरकारी शिक्षकों को भूसा दान भी करना होगा. इस संबंध में एक आदेश भी जारी हुआ है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तमाम स्कूलों और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी यह निर्देश जारी किया गया है कि अब हर स्कूल को गोवंश के लिए 46 किलो भूसा दान करना होगा. इस संबंध में शिक्षा विभाग का फरमान भी जारी हुआ है. यह भूसा बेसहारा गोवंश के लिए दिया जाएगा. यह दान अनिवार्य रूप से है.
भूसा इकट्ठा करेंगे सरकारी टीचर-
इसको लेकर बरेली के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी हो गए हैं. जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों को भी बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आदेश जारी हो गए हैं. जिसके बाद तमाम शिक्षक नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. ऐसा पहली बार है कि शिक्षा विभाग में अब इस तरह गाँव में घर घर जा कर दान मांगना पड़ेगा और भूसा इकट्ठा करने का कार्य भी सरकारी शिक्षकों को करना होगा.
खंड शिक्षा अधिकारियों ने किया आदेश जारी-
बरेली में शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी हो जाने के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों ने बरेली के नवाबगंज , भोजीपुरा, भुता क्षेत्र सहित तमाम खंडो में शिक्षकों को आदेश जारी कर दिया है कि उनको 46 किलो भूसा प्रति शिक्षक एकत्रित करना है. सोशल मीडिया पर इन आदेश की कॉपी लगातार वायरल हो रही है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठा रहे हैं.
इसके बाद गोबर भी उठवाएंगे- टीचर
शिक्षा नेताओं ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की. शिक्षकों का यह भी कहना है कि इस तरह की फरमान जारी करने के बाद शिक्षा विभाग भविष्य में लोगों से गोबर के इकट्ठा करने के लिए आदेश कर सकता है. गाय के बच्चों को नहलाने कार्य दे सकते हैं. नाली साफ कराने के लिए भी आदेश मिल सकता है. बरेली के तमाम शिक्षकों ने इसको लेकर नाराजगी भी दिखाई है और शिक्षा विभाग के ऐसे आदेश का विरोध भी किया है.
(कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट)
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