CBSE का बड़ा फैसला... अब 10वीं पास करने के लिए तीसरी भाषा में पास होना जरूरी, जानिए नया नियम

अब 2027-28 सत्र से 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा की स्कूल में होने वाली परीक्षा पास करनी होगी. भले ही इस विषय का बोर्ड परीक्षा में पेपर नहीं होगा, लेकिन इसमें पास हुए बिना 10वीं का पास सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा.

CBSE का नया नियम
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:02 PM IST

अगर आपका बच्चा CBSE स्कूल में पढ़ता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. CBSE ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीसरी भाषा को लेकर नया नियम लागू किया है. अब 2027-28 सत्र से 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा की स्कूल में होने वाली परीक्षा पास करनी होगी. भले ही इस विषय का बोर्ड परीक्षा में पेपर नहीं होगा, लेकिन इसमें पास हुए बिना 10वीं का पास सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा. चलिए आपको डिटेल में बताते हैं पूरी खबर क्या है.

CBSE ने 10 जुलाई को जारी सर्कुलर में कहा है कि 2027-28 सत्र से 10वीं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए तीसरी भाषा की स्कूल में होने वाली इंटरनल असेसमेंट पास करना जरूरी होगा. इस विषय की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, लेकिन इसमें पास हुए बिना छात्र को 10वीं का पास सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा. वहीं अगर कोई छात्र तीसरी भाषा की इंटरनल परीक्षा में फेल हो जाता है, तो स्कूल उसे एक और मौका देगा. बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. हालांकि, अगर छात्र दूसरी बार भी पास नहीं होता है, तो आगे क्या होगा, इसे लेकर CBSE ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है.

9वीं के छात्रों के लिए क्या नियम है
अगर कोई छात्र 9वीं में तीसरी भाषा की परीक्षा में फेल हो जाता है, तो उसे 10वीं में भेज दिया जाएगा. लेकिन 10वीं में पढ़ाई के दौरान उसे 9वीं की बची हुई तीसरी भाषा की परीक्षा पास करनी होगी. यानी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी, लेकिन तीसरी भाषा पास करना जरूरी रहेगा. CBSE ने पहले ही घोषणा की थी कि 2026-27 सत्र से 6वीं कक्षा से तीन भाषा फॉर्मूला लागू होगा. इसके तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी. अगर किसी छात्र ने अंग्रेजी के साथ कोई विदेशी भाषा चुनी है, तो वह उसे पढ़ सकता है. लेकिन इसके साथ उसे एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी.

कब से लागू होगा नया नियम
यह नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो 2026-27 सत्र में 9वीं में प्रवेश लेंगे. यही छात्र 2027-28 में 10वीं में पहुंचेंगे और उन्हें तीसरी भाषा की इंटरनल परीक्षा पास करनी होगी. फिलहाल 2026-27 में 10वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होगा. तीन भाषा फॉर्मूला को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है. याचिकाकर्ताओं ने इस नियम को फिलहाल टालने की मांग की है. वहीं, केंद्र सरकार ने अदालत में कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह नियम लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इससे भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा, बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर होगी और देश की अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

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