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Delhi Private Schools Fee: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी, रेखा सरकार सख्त, जानिए क्या कदम उठाए?

दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस में बढ़ोतरी की शिकायत मिल रही हैं. ऐसे प्राइवेट स्कूलों पर दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाया है. जिलाधिकारियों की टीमों स्कूलों की जांच कर रही हैं. बेलगाम फीस वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जा रही है.

Delhi Govt (Photo Credit: PTI)
कुमार कुणाल
  • नई दिल्ली ,
  • 05 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:17 PM IST
  • दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों पर चलेगा डंडा
  • स्कूलों फीस बढ़ोतरी पर रेखा सरकार सख्त

दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर सख्त कदम अपनाया है. फीस बढ़ोतरी की शिकायत के बाद सरकार ने कड़ा कदम अपनाया है. कुछ निजी स्कूलों द्वारा फीस में भारी बढ़ोतरी की शिकायतों पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. 

दिल्ली में मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा लगाई गई फीस दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम, 1973 द्वारा नियंत्रित होते हैं. दिल्ली के न्यायालयों ने अलग-अलग फैसलों के माध्यम से शिक्षा निदेशालय के अधिकार को मान्यता दी है. इससे यह सुनिश्चित हो कि मान्यता प्राप्त निजी स्कूल मनमाने और गैरकानूनी तरीके से शुल्क न बढ़ाएं.

प्राइवेट स्कूलों द्वारा ली जा जा रही मनमानी फीस को लेकर आप दिल्ली सरकार पर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष आतिशी भी इसको लेकर लगातार सवाल उठा रही हैं. सरकार इसको लेकर बयान जारी किया है. इसमें कहा गया है कि शिकायतों को बाद फीस बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने जिलाधिकारियों ने टीम बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी है.

विपक्ष का आरोप
बेलगाम फीस को लेकर विपक्ष दिल्ली सरकार पर निशाना साध रहा है. पूर्व सीएम आतिशी सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार को घेर रही है. नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने एक्स पर लिखा, दिल्ली में जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी. किसी भी स्कूल संचालकों की फीस बढ़ाने की हिम्मत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि एक दौर था जब दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को पैरेंट्स से वसूली गई बढ़ी हुई फीस तक लौटानी पड़ी थी क्योंकि तब दिल्ली में शिक्षा पर काम करने वाली सरकार था. अब बीजेपी की सरकार और प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं.

 

फीस पर रेखा सरकार सख्त
आप के हमले के बाद दिल्ली सरकार ने बयान जारी किया है. इस बयान में कहा गया है कि कई निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल पिछले कई वर्षों से भारी और अनियमित फीस बढ़ोतरी कर रहे हैं. प्राइवेट स्कूल की बढ़ती फीस माता-पिता, विशेष रूप से मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन रही है. शिक्षा विभाग ने इस लंबे समय से लंबित समस्या को ध्यान में लिया है जो कि माता-पिता और छात्रों को परेशान कर रही है. 

दिल्ली की रेखा सरकार ने साफ किया है कि  कोविड के बाद के समय में यह समस्या और भी गंभीर हो गई. जब स्कूलों ने हर साल 25% से 30% की दर से अपनी फीस बढ़ाई. तब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार थी. पिछले 5-8 सालों में कई शिकायतें मिलीं. माता-पिता ने बताया कि फीस ने देने पर विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र नहीं दिया जा रहा है.
अब शिक्षा विभाग कह रहा है कि वो इस समस्या को सुलझाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. इसके समाधान के लिए सख्त कदम उठा रहा है 

जांच शुरू
शिक्षा विभाग ने कानूनी तौर पर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की अवैध फीस बढ़ोतरी की शिकायतों की गहन जांच शुरू कर दी है. जिला मजिस्ट्रेटों के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टीमें स्कूलों में आकस्मिक निरीक्षण कर रही हैं. उदाहरण के लिए शुक्रवार को ऐसी शिकायत मिलने के बाद डीपीएस द्वारका की जांच की गई थी.

इसके अलावा गैर-अनुपालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. इसमें स्कूल की मान्यता रद्द करना और प्रबंधन को सरकारी नियंत्रण में लेना शामिल है. विशेष ऑडिट टीमों द्वारा ऐसे स्कूलों के खातों की भी जांच की जाएगी. निदेशालय ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और आसान हो. इसके लिए एक डेडीकेटेड नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. 

नोडल अधिकारी इस कैटेगरी के छात्रों के लिए किताबें और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं का तुरंत समाधान करेगा. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे माता-पिता को विशेष विक्रेताओं से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर न करें. इसके अलावा फीस बढ़ोतरी से संबंधित मामलों को तेज़ी से सुलझाया जा रहा है.

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