Advertisement

DUSU Polls: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में 23 हजार 942 स्टूडेंट्स ने दबाया NOTA का बटन, कई उम्मीदवारों से अधिक वोट नोटा को मिले

DUSU Election 2026 Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के बाद परिणामों की घोषणा हो चुकी है. इस चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष सहित 3 पदों पर जीत दर्ज की जबकि एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है. इस बार  NSUI का खाता तक नहीं खुला है.  इस बार DUSU चुनाव में केंद्रीय पैनल के चारों मुख्य पदों पर नोटा (NOTA) को कुल 23942 वोट मिले हैं, ये पिछले साल के मुकाबले से 268 ज्यादा हैं.

DUSU Election 2026
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

Delhi University Students Union Elections 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव (DUSU) 18 सितंबर को संपन्न होने के बाद 19 सितंबर 2026 को वोटों की गिनती की गई. इसमें अध्यक्ष समेत 3 सीटों पर ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने जीत दर्ज की जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की. इस बार NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) का खाता तक नहीं खुला.

अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन, सचिव पद पर रिया छाबड़ी (ABVP), संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह (ABVP) ने जीत दर्ज की है. इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में केंद्रीय पैनल के चारों मुख्य पदों पर नोटा (NOTA) को कुल 23,942 वोट मिले हैं. ये पिछले साल के मुकाबले 268 ज्यादा है.  इस बार चारों पदों पर कुल 23 हजार 942 स्टूडेंट्स ने NOTA यानी चुनाव में खड़े उम्मीदवारों में से कोई नहीं का बटन दबाया है. छात्र राजनीति में धनबल और बाहुबल के खिलाफ असंतोष जताते हुए बड़ी संख्या में छात्रों ने नोटा का विकल्प चुना, जिसके कारण इस बार कई पदों पर नोटा को प्रमुख वामपंथी (AISA-SFI) उम्मीदवारों से भी अधिक वोट मिले.

किस पद पर नोटा को कितने मिले वोट

  • पद के अनुसार 2026 चुनाव में अध्यक्ष पद पर नोटा को 4,310 वोट मिले. पिछले साल यानी 2025 में नोटा को 3,175 मत मिले थे. यानी इस साल 1135 वोटों का उछाल आया.
  • उपाध्यक्ष पद पर पिछले साल के मुकाबले नोटा की लोकप्रियता घटी है. उस बार 4,359 वोट मिले जबकि पिछले साल 2025 में 5,820 थे. 
  • आंकड़े बताते हैं कि वामपंथी गठबंधन (AISA-SFI) के अक्षत शिखर को मिले 2,883 वोटों से कहीं अधिक छात्रों ने अकेले नोटा का बटन दबाया.
  • सचिव पद पर सबसे ज्यादा 7,884 वोट झटक ले गया नोटा. यह आंकड़ा आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई (ASAP) के पंकज कुमार के 7,639 वोटों से भी ज्यादा है.
  • संयुक्त सचिव पद पर नोटा ने 7,389 वोट हासिल किए. इस पद पर भी नोटा ने वामपंथी गठबंधन के उम्मीदवार बी. पारिजात को मिले 5,837 वोटों को पीछे छोड़ दिया.

आक्रामक कैंपेन ने छात्रों को किया बेचैन
ये आंकड़े और इसके पीछे की मानसिकता तस्दीक करती है कि मस्कुलर और आक्रामक कैंपेन ने छात्रों को बेचैन किया है. कैंपस की छात्राओं ने चुनाव प्रचार के दौरान दिखने वाली अत्यधिक आक्रामकता और दिखावे की राजनीति के प्रति खुलकर असंतोष जताया है. छात्र अपनी नाराजगी दर्ज कराना चाहते थे कि डूसू चुनाव केवल अत्यधिक पैसे खर्च करने वाले संगठनों जैसे एबीवीपी या एनएसयूआई के बीच ही सीमित न रह जाए. यही वजह रही कि निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने इस बार उपाध्यक्ष का पद जीतकर दोनों प्रमुख पार्टियों को चौंका दिया और कई पदों पर नोटा को वामपंथ से अधिक वोट मिले. यानी छात्रों के मन में पारंपरिक राजनीतिक दलों के डीएनए वाले छात्र संगठनों से बढ़ते मोह भंग की स्थिति दिखने लगी है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement