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Rajasthan: फर्जी डिग्री से नौकरी वाले बड़े रैकेट का खुलासा, जांच में सिर्फ एक अभ्यर्थी की डिग्री निकली सही

राजस्थान में शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. उत्तर प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री लगाकर अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल की थी. 203 में से सिर्फ एक डिग्री वैध पाई गई है.

Teacher teaching at school (Photo/Meta AI)
gnttv.com
  • जयपुर,
  • 28 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने PTI यानी शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा 2022 में बीपीएड डिग्रियों के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. एसओजी की जांच में सामने आया है कि 203 अभ्यर्थियों में से 202 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद के जेएस विश्वविद्यालय से बीपीएड कोर्स की फर्जी मार्कशीट लगाकर नियुक्तियां पा ली. इन 203 में से सिर्फ एक अभ्यर्थी की डिग्री ही वैध पाई गई है.

जांच अधिकारी और एसओजी के एएसपी धर्माराम गिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाया है. पूरे घटनाक्रम का खुलासा जेएस विश्वविद्यालय के सर्वर (आईपी एड्रेस) से डाउनलोड किए गए डाटा से हुआ है.

ऐसे हुआ खुलासा-
जेएस विश्वविद्यालय को हर सत्र के लिए 100 सीटों की मान्यता है. लेकिन, 2082 अभ्यर्थियों ने जेएस विश्वविद्यालय की डिग्रियों के आधार पर भर्ती में आवेदन किया था. इसी संदेह का ध्यान में रखते हुए पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.

कोर्स कहीं और डिग्री किसी और यूनिवर्सिटी की-
एसओजी की जांच में सामने आया है कि 25 अभ्यर्थियों ने अन्य यूनिवर्सिटी से बीपीएड का कोर्स उत्तीर्ण करना बताया है. लेकिन, उनके द्वारा सत्यापन के लिए जेएस विश्वविद्यालय की मार्कशीट लगाई गई. वहीं, करीब 26 अभ्यर्थियों ने अलग शिक्षा सत्र की डिग्रियां लगाई तो वहीं 9 अन्य ने बीपीएड की फर्जी मार्कशीट लगा रखी थी. 43 अभ्यर्थियों की 2020-2022 सत्र की मार्कशीट परीक्षा तिथि 25 सितंबर 2022 के बाद की थी. अब एसओजी ने जेएस विश्वविद्यालय प्रशासन और 165 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में हैं. इसके अलावा 37 अभ्यर्थियों (सीरियल नंबर 166 से 202 तक) के खिलाफ डमी अभ्यर्थी बिठाने या फर्जी मार्कशीट प्राप्त की हो. इसका प्रकरण पूर्व के दर्ज है.

203 में से एक ही अभ्यर्थी की डिग्री सही-
हार्ड डिस्क में मौजूदा डाटा का विश्लेषण करने पर पाया गया कि परीक्षा में जेएस विश्वविद्यालय के बीपीएड कोर्स के शिक्षा सत्र 2017 - 19, 2018- 20, 2019- 21, 2020- 22 में प्राप्त 203 डिग्री धारकों में से सिर्फ एक अभ्यर्थी (कुलराज सिंह पुत्र प्रेम सिंह) की ही डिग्री सही पाई गई है.

दलालों की भी रही भूमिका-
इस पूरे फर्जीवाड़े में दलालों की भूमिका भी सामने आई है. कहा जा रहा है कि दलालों ने भी अभ्यर्थियों को फर्जी मार्कशीट बनाकर दी. जेएस विश्वविद्यालय के सर्वर से लिए गए बैकअप में भी डिग्री प्रिंटिंग का डेटा सत्यापित किया गया है.

(शरत कुमार की रिपोर्ट)

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