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Damini Singh Brar Success Story: रोजाना 2-4 घंटे की पढ़ाई, बिना कोचिंग दामिनी सिंह ने IIT पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम में हासिल की AIR-1

हिमाचल प्रदेश की बेटी ने दामिनी सिंह बराड़ ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में शीर्ष स्थान हासिल किया. दामिनी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन से अंग्रेजी ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है. दामिनी शिमला में 12वीं में बोर्ड टॉपर थी.

Damini Singh Brar
gnttv.com
  • शिमला,
  • 18 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST

हिमाचल में यूं तो टेलेंट की कोई कमी नहीं है, बीते कुछ सालों से देख जा रहा है कि 10वीं, 12वीं, स्नातक हो या फिर कोई भी मुश्किल प्रवेश परीक्षा, बेटियों ने हर चुनौती को अवसर बना दिया है और उत्कृष्ट शिक्षा के नए आयाम स्थापित किए हैं. ऐसे ही शिमला की बेटी दामिनी सिंह बराड़ है, जिन्होंने पहली बार मे ही भारत की सबसे मुश्किल आईआईटी कानपुर में मनोविज्ञान प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है. साथ ही आईआईटी दिल्ली में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों दौर में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जहां वह अब अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई जारी रखेंगी.

पहले प्रयास में UGC-NET पास-
इसके साथ ही दामिनी सिंह बराड़ ने भारत के शीर्ष संस्थानों से शैक्षणिक गलियारों तक एक असाधारण यात्रा तय की है. उनकी उपलब्धियां यहीं खत्म नहीं होती हैं. दामिनी ने मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान के लिए भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान, बेंगलुरु के NIMHANS में प्रवेश परीक्षा भी पास की, लिखित दौर में सफल होने के बाद उन्हें साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया. उन्होंने बीते दिसंबर 2024 में अपने पहले ही प्रयास में मनोविज्ञान में UGC-NET पास कर लिया था. उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) मुंबई से एप्लाइड साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है, जिसे भारत के अग्रणी सामाजिक विज्ञान संस्थानों में से एक माना जाता है.

दामिनी ने DU से भी की है पढ़ाई-
दामिनी सिंह बराड़ की स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई की. इससे पहले शिमला में कक्षा 12वीं की बोर्ड टॉपर थीं, इसके बाद से ही दामिनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ते चली गईं. दामिनी सिंह बराड़ ने बताया कि इन सभी परीक्षाओं के लिए उन्होंने कभी किसी तरह की कोई गाइडेंस, कोचिंग या ट्यूशन नहीं लिया. दामिनी ने बताया कि वो पूरा दिन पढ़ाई नहीं कर सकती थीं, सिर्फ एक सोच के जरिए रोजाना 2 से 4 घंटे की घर पर ही पढ़ाई करके यहां तक का सफर तय किया है.

रोजाना योग करती हैं दामिनी-
पढ़ाई के लिए कंसंट्रेशन बनाए रखने के लिए वो रोजाना योगा, दोस्तों के साथ घूमना, वॉक पर जाना जैसे काम किया करती थीं. दामिनी सिंह बराड़ का कहना है कि दृढ़ इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास हो तो दुनिया आपके कदमों में होती है. कोई भी काम मुश्किल नहीं है. उन्होंने अपनी प्रेरणा स्रोत किसी एक व्यक्ति को नहीं बताया. वो कहती हैं कि हर व्यक्ति ने उन्हें मुश्किल से मुश्किल समय में मदद की और नई प्रेरणा देने का काम किया. दामिनी ने बताया कि उनका परिवार एक साधारण परिवार है. पिता नगर निगम में सफाई निरीक्षक (सेनेटरी इंस्पेक्टर) के पद पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि दामिनी की मां मीरा बराड़ एक गृहणी हैं.

(विकास शर्मा की रिपोर्ट)

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