झारखंड के सिमडेगा के सुदूरवर्ती और कभी उग्रवाद के लिए कुख्यात बानो प्रखंड में एक साधारण परिवार की बेटी शिवांगी सिमित संसाधनों के बावजूद अपने दम पर मैट्रिक की परीक्षा में स्टेट टॉपर बन गई हैं. उन्होंने 99.60% अंक हासिल किया है. 500 में 498 अंक लाकर शिवांगी ने न सिर्फ अपने परिवार और सिमडेगा बल्कि पूरे राज्य में अपने टैलेंट का परचम लहराया है. शिवांगी अब ज्यूडिशियल सेवा को अपनी करियर बनाना चाहती हैं. ऐसे में शिवांगी को अपनी मुकाम हासिल करने में सहूलियत के लिए सिमडेगा की डीसी कंचन सिंह आगे आई हैं. शिवांगी जबतक पढ़ेंगी डीसी सिमडेगा कंचन सिंह उनका खर्च उठाने को तैयार हैं.
जिला के प्रशासनिक कार्यों और समाज के प्रति संवेदनशील रहने वाली डीसी सिमडेगा कंचन सिंह ने मैट्रिक बोर्ड में सिमडेगा की स्टेट टॉपर बेटी शिवांगी को अपने निजी खर्च पर पढ़ाने का जिम्मा उठाया है. सिमडेगा जिला की 25वां स्थापना दिवस के अवसर पर सिमडेगा नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम में डीसी सिमडेगा कंचन सिंह ने मैट्रिक परीक्षा में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सिमडेगा की बेटी शिवांगी कुमारी का भविष्य में जबतक पढ़ाई करेगी तब तक का खर्च निजी रूप से जिम्मेदारी उठाने की घोषणा .
उपायुक्त ने की अच्छी पहल
शिवांगी के पिता राम किशोर साहू एक मामूली से किराना स्टोर चलाकर परिवार का भरन पोषण करते हैं. ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति कहीं से शिवांगी के करियर में बाधक न बने और बाकियों को भी शिवांगी के उपलब्धि से प्रेरणा मिले ये सोचकर जिले की उपायुक्त ने एक अच्छी पहल की है. स्टेट टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन करने वाली शिवांगी कुमारी ज्यूडिशरी क्षेत्र में अपना करियर बनाने का लक्ष्य निर्धारित की है. शिवांगी के इस लक्ष्य को अब डीसी सिमडेगा कंचन सिंह के सपोर्ट से उड़ान मिल जाएगी.
सोशल मीडिया से बनाई थी दूरी
शिवांगी ने कहा कि सेल्फ स्टेडी और शिक्षकों के मार्ग दर्शन से उसने अच्छी तैयारी की और सभी के आर्शीवाद से स्टेट टॉपर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. शिवांगी ने बताया कि मैट्रिक की परीक्षा के क्रम में उसने सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी. मोबाइल का उपयोग सिर्फ पढ़ाई संबंधी कार्यों के लिए ही करती थी. शिवांगी ने बताया कि वह न्यायपालिका के क्षेत्र में सेवा देना चाहती हैं.
(सत्यजीत की रिपोर्ट)