JAC Board 10th Topper: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जेएसी) ने कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया है. इस साल कुल चार विद्यार्थियों ने 99.60% अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है. चारों विद्यार्थियों ने 500 में से 498 अंक प्राप्त किए हैं. टॉप करने वाले छात्रों में रांची के संत लुइस हाईस्कूल के छात्र सन्नी कुमार वर्मा भी शामिल हैं. सनी के मुताबिक वह इंस्टाग्राम भी चलाते थे और क्रिकेट भी खेलते थे. अब सावल उठ रहे हैं कि आखिर सनी कब और कैसे पढ़ाई करते थे?
ऐसे करते थे सनी पढ़ाई
सनी के मुताबिक वह हर दिन 1 से 2 घंटा क्रिकेट खेलते थे. छुट्टी वाले दिन तो 5 घंटे तक क्रिकेट या कोई और खेल खलते थे. उन्होंने बताया इसके अलावा वह हर दिन एक घंटा इंस्टाग्राम के लिए भी निकाल लेते थे. सनी के मुताबिक इन सब के अलावा वह हर दिन स्कूल की कक्षाओं के अलावा 5 से 6 घंटे की पढ़ाई जरूर करते थे. वह बताते हैं कि परीक्षा के दौरान रात के 2:00 बजे उठकर रिवीजन करते थे. वह बताते हैं कि परीक्षा के पहले मैं सुबह में 3:00 बजे पढ़ाई करने के लिए उठता था. पूरे साल यही शेड्यूल रहा. सनी के मुताबिक भोर में 3:00 बजे उठकर सुबह 6 बजे तक 3 घंटे की बढ़िया पढ़ाई हो जाती है. उस समय कोई डिस्टर्ब नहीं करता और तीन घंटे की क्वालिटी पढ़ाई मिल पाती थी.
इसके बाद स्कूल से आकर दो-तीन घंटे पढ़ लेता और फिर जमकर क्रिकेट खेलता था. सनी के मुताबिक करना सब है. इंस्टाग्राम भी देखना है, क्रिकेट भी खेलना है और पढ़ाई भी करनी है लेकिन आप अपना शेड्यूल बनाएं और सब चीजों को सही समय दें और उस समय पर वह चीज ठीक से करें. इससे आप हर चीज को संतुलन बनाकर चल पाएंगे. सनी के मुताबिक यदि कोई सिर्फ और सिर्फ पूरे दिन पढ़ाई करेगा तो वह बोर हो जाएगा. पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी है. इससे शरीर व दिमाग फिट होता है, आप तरोताजा रहते हैं. सोशल मीडिया से देश-दुनिया की भी खबरें मिलती हैं. सनी के मुताबिक हर समय इंस्टाग्राम या फेसबुक नहीं देखना चाहिए. उसका आप एक समय तय कर लीजिए और सिर्फ उसी समय में उतनी देर ही देखना है, इससे ध्यान भटकने की परेशानी नहीं होती.
सनी इस खास रूटीन को करते थे फॉलो
सनी ने बताया कि मैंने कमजोर सब्जेक्ट को अपनी मजबूती बनाई. सनी कहते हैं जो कमजोरी थी उसी को ताकत बनाना ही सफलता का मूल मंत्र है. जैसे मेरी मैथ्स बहुत मजबूत है तो उसको मैं हर दिन आधा ही घंटा देता लेकिन मेरी सोशल साइंस कमजोर थी तो मैं हर दिन दो घंटे सोशल साइंस पढ़ता था और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस करता था. इस तरह से मेरे सभी विषय अच्छे हो गए. आपको मालूम हो कि सनी के पिता गार्ड की नौकरी करते हैं. इसके साथ ही वह एक दुकान में बिलिंग का भी काम करते हैं.
किस विषय में आए कितने मार्क्स
सनी को मैथ्स यानी गणित में 100 में 100 अंक, साइंस में 100 में 100 अंक, सोशल साइंस में 100 में 100 अंक, आईटी में 100 में 100 अंक, हिंदी में 98 अंक और अंग्रेजी में 95 अंक मिले हैं. सनी का सपना आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है. वह इसके लिए अभी से ही आईआईटी जेईई की परीक्षा की तैयारी में लग गए हैं. सनी कहते हैं कि इंजीनियर बनकर अपने पिताजी का बोझ उतारूंगा.