कोचिंग सिटी कोटा से एक बार फिर बड़ी सफलता की खबर सामने आई है. एलन करियर इंस्टीट्यूट के छात्र कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में 300 में से 300 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है. खास बात यह है कि इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने सेशन-2 की परीक्षा में शामिल होने की जरूरत ही नहीं समझी. मूल रूप से गुरुग्राम के रहने वाले कबीर पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर नियमित रूप से अपनी तैयारी कर रहे थे.
कबीर की इस उपलब्धि के पीछे उनका अनुशासन, लगातार मेहनत और खुद के प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण करना सबसे बड़ा कारण रहा. उनका पारिवारिक माहौल भी पूरी तरह से शैक्षणिक रहा है. उनके पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां प्रियंका छिल्लर एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं. कबीर पहले भी अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं और 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर चुके हैं.
शिक्षकों की गाइडेंस को दिया सफलता का श्रेय
कबीर अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों की गाइडेंस को देते हैं. उनका मानना है कि सही दिशा में किया गया प्रयास ही सफलता दिलाता है. उन्होंने पढ़ाई के दौरान क्वालिटी और अटेंशन स्पैन पर विशेष ध्यान दिया. हर टेस्ट के बाद वे ईमानदारी से अपना विश्लेषण करते थे और कमजोरियों पर ज्यादा फोकस करते थे. परीक्षा से पहले उन्होंने अपनी रणनीति को लगातार बेहतर बनाया, जिससे उनका प्रदर्शन लगातार निखरता गया.
मॉक टेस्ट कबीर की तैयारी का अहम हिस्सा रहे. वे नियमित रूप से टेस्ट देते थे और हर पेपर का गहराई से विश्लेषण करते थे. इससे उनकी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों मजबूत हुए. उनका मानना है कि कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है. उन्होंने रटने के बजाय समझने और उसे प्रैक्टिकल तरीके से लागू करने पर जोर दिया. पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना, शॉर्ट नोट्स बनाना और नियमित रिवीजन करना उनकी आदत में शामिल था.
आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं
कबीर पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन को भी जरूरी मानते हैं. वे समय-समय पर दोस्तों के साथ समय बिताते थे, जिससे उनका मन फ्रेश रहता और फोकस बेहतर होता. भविष्य को लेकर उनका लक्ष्य स्पष्ट है. वे आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं और आगे चलकर MIT से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखते हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
रिपोर्टर: चेतन गुर्जर
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