मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 12वीं क्लास की एक स्कूल टॉपर सिर्फ इसलिए घर छोड़ कर भाग गई कि उसे आईएएस बनना है लेकिन घरवाले उसकी शादी करना चाह रहे थे. एसीपी बिट्टू शर्मा के मुताबिक घटना बजरिया थाना क्षेत्र की है. भोपाल की रहने वाली साक्षी जिसने 12वीं कक्षा में 92% अंक लाकर पूरे स्कूल में टॉप किया था और परिवार का नाम रोशन किया था. वह पढ़-लिखकर IAS अफसर बनना चाहती थी लेकिन उसके परिवार की सोच अब भी पुरानी थी. परिवार वाले चाहते थे कि साक्षी पढ़ाई नहीं करे बल्कि परिवार की पसंद से शादी करे.
जब दबाव बढ़ा तो उठाया ये कदम
शुरुआत में साक्षी पढ़ाई करने पर जोर देती रही लेकिन शादी को लेकर जब घरवालों का दबाव काफी बढ़ गया तो जनवरी 2025 में साक्षी घर छोड़ कर चली गई. अपने स्तर पर साक्षी को ढूंढने की कोशिश जब सफल नहीं हुई तो साक्षी के पिता ने बेटी की गुमशुदगी को लेकर हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस लगा दी. कोर्ट ने पुलिस को साक्षी की तलाश के आदेश दिए, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी.
2030 में IAS बनकर घर लौटूंगी
तफ्तीश के दौरान पुलिस को साक्षी के दोस्तों के पास से एक नोट मिला, जिसपर लिखा था '2030 में IAS बनकर घर लौटूंगी'. पुलिस ने इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया और देशभर के कोचिंग सेंटर, कॉलेज और लाइब्रेरी खंगाले गए. मामले में नया मोड़ तब आया जब कुछ दिन पहले साक्षी ने अपना आधार अपडेट किया. इससे मालूम हुआ कि अब वह बालिग हो चुकी थी. आधार अपडेट होते ही पुलिस ने साक्षी की लोकेशन ट्रेस कर ली जो इंदौर मिली.
माता-पिता को लगाई फटकार
इसके बाद पुलिस की एक टीम तुरंत इंदौर पहुंची और साक्षी को ढूंढ निकाला. साक्षी ने बताया कि घर से बाहर रहने के दौरान वो पहले ललितपुर में रही और उसके बाद वो इंदौर आ गई, जहां उसने 18 हजार रुपए महीने की नौकरी शुरू कर दी और किराए के रूम में रहने लगी. हैबियस कॉर्पस हाईकोर्ट में लगी थी लिहाजा पुलिस ने साक्षी को जज के सामने पेश किया, जिन्होने साक्षी को परिवार के साथ रहने का सुझाव देते हुए माता-पिता को फटकार भी लगाई. फिलहाल हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 12 नवंबर दिन बुधवार को तय की गई है. इसके बाद तय होगा कि साक्षी परिवार के साथ रहना चाहती है या नहीं.
(रवीश पाल सिंहधर्मेंद्र साहू की रिपोर्ट)