NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी, 15 मिनट का एक्स्ट्रा समय मिलेगा, NEET एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान की 10 बड़ी बातें

3 मई को परीक्षा सामान्य रूप से हुई थी, लेकिन 7 मई को NTA की शिकायत प्रणाली में कुछ गड़बड़ियों की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच शुरू हुई. 12 मई तक जांच में यह संकेत मिला कि कुछ सवाल “गेस पेपर” से लीक हुए थे, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया के सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे और किसी भी परीक्षा माफिया को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है और सिस्टम में मौजूद खामियों को खत्म करना है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी साफ किया कि सरकार अब परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मॉडल को अपनाने पर विचार किया जा रहा है.

धर्मेंद्र प्रधान की 10 बड़ी बातें

  1. परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अगले साल से CBT (Computer Based Test) सिस्टम की ओर बढ़ने की जरूरत है.

  2. NEET परीक्षा को भी आने वाले समय में ऑनलाइन मोड में शिफ्ट किया जा सकता है.

  3. छात्रों से अपील की गई कि वे NEET विवाद को लेकर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें.

  4. उन्होंने माना कि सिस्टम में “चेन ऑफ कमांड” में कुछ गंभीर चूक हुई है.

  5. सरकार ने इस गलती को स्वीकार किया है और इसे सुधारने के लिए काम शुरू कर दिया गया है.

  6. परीक्षा में गड़बड़ी एक सामाजिक बुराई है, जिसे खत्म करना जरूरी है.

  7. मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और दोषियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा.

  8. NTA ने फैसला लिया है कि छात्रों को री-एग्जाम की फीस वापस की जाएगी और दोबारा फीस नहीं ली जाएगी.

  9. री-एग्जाम के लिए छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा.

  10. परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को OMR शीट भरने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाएंगे और एडमिट कार्ड 14 जून को जारी होंगे.


सरकारी मशीनरी परीक्षा माफियाको खत्म करने में जुटी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग पैसे के दम पर छात्रों की सीटें छीनने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने इन गड़बड़ियों को परीक्षा माफिया का काम बताया और कहा कि पूरी सरकारी मशीनरी इसे खत्म करने में जुटी है. उन्होंने यह भी बताया कि 3 मई को परीक्षा सामान्य रूप से हुई थी, लेकिन 7 मई को NTA की शिकायत प्रणाली में कुछ गड़बड़ियों की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच शुरू हुई. 12 मई तक जांच में यह संकेत मिला कि कुछ सवाल “गेस पेपर” से लीक हुए थे, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया.

राज्यों में फैला मामला, CBI जांच तेज
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस पूरे मामले में कई राज्यों की एजेंसियां भी जांच में शामिल हैं. CBI ने भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

स्टालिन का NEET खत्म करने की मांग
इस बीच तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर NEET परीक्षा को खत्म करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक, नकल और सिस्टम की कमजोरियों ने परीक्षा पर भरोसा कम किया है. स्टालिन ने कहा कि NEET एक कोचिंग आधारित और महंगी प्रणाली बन चुकी है, जहां आर्थिक स्थिति का असर रिजल्ट पर पड़ता है. उन्होंने मांग की कि राज्यों को अपने हिसाब से प्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार पर एडमिशन देने की अनुमति दी जाए.

 

Read more!

RECOMMENDED