दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. विश्वविद्यालय में 5889 करोड़ की अनुमानित लागत से नए हॉस्टलों का निर्माण और पुराने हॉस्टलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा. इससे कुल 21,895 विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. मंगलवार को कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1284वीं बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि हॉस्टल भवनों के डिजाइन 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. उन्होंने कहा कि पहले हॉस्टलों के निर्माण के समय परिस्थितियां अलग थीं, जबकि आने वाले समय में आवश्यकताएं बदलेंगी. इसी को ध्यान में रखते हुए अगले 100 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण की योजना बनाई जा रही है.
4027 करोड़ से बनेंगे नए हॉस्टल
ईसी द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, 4027 करोड़ की अनुमानित लागत से नए हॉस्टलों का निर्माण किया जाएगा. इससे 15,758 विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी. वहीं, दो पुराने हॉस्टलों के पुनर्निर्माण पर करीब ₹1,862 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे 6,137 विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
पुनर्निर्माण के संबंध में कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी मौजूदा हॉस्टल का नाम नहीं बदला जाएगा. विश्वविद्यालय में ‘जुबली हॉल’ और ‘पीजी मेन्स हॉस्टल’ के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है.
तीन परिसरों में बनेंगे बहुमंजिला हॉस्टल
विश्वविद्यालय में उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से ढाका कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार स्थित पूर्वी परिसर और नजफगढ़ परिसर में अतिरिक्त बहुमंजिला हॉस्टल भवन बनाए जाएंगे. इसके अलावा, रोशनपुरा स्थित वीर सावरकर कॉलेज तथा द्वारका स्थित विश्वविद्यालय के पश्चिमी परिसर में भी छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाने की योजना है.
हॉस्टल ब्लॉकों का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा कि संबंधित परिसर के लिए निर्धारित अधिकतम फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) का पूरा उपयोग किया जा सके. इन हॉस्टलों में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डाइनिंग हॉल, दुकानें, कॉमन रूम, रीडिंग रूम और वार्डन के आवास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
कॉलेजों से भी हॉस्टल निर्माण के प्रस्ताव मांगे
ईसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों से अपने यहां नए हॉस्टलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने और उन्हें फंडिंग एजेंसियों के पास भेजने का आह्वान किया. विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार करना और परिसर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है.