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Exams on Tabs: कॉपी-पेन नहीं अब बदलेगा बच्चों के पेपर देने का तरीका, प्राइमरी स्कूल के बच्चे टैबलेट पर देंगे एग्जाम

टैबलेट-बेस्ड एग्जाम को सुविधाजनक बनाने के लिए, शिक्षक निपुण हरियाणा शिक्षक ऐप के माध्यम से सवाल पूछेंगे और छात्र अपने उत्तर सीधे ऐप में डालेंगे. असेसमेंट के एक सेक्शन के रूप में, निपुण ऐप का उपयोग करके एक ओरल रीडिंग फ्रीक्वेंसी टेस्ट भी आयोजित किया जाएगा.

Exams on Tabs
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST
  • निपुण हरियाणा शिक्षक ऐप से होगी चेकिंग
  • शिक्षकों को सशक्त बनाया जाएगा

बच्चों के एग्जाम देने का तरीका बदलने वाला है. बच्चे अब कॉपी-पेन से नहीं बल्कि टैबलेट पर एग्जाम देंगे. गुड़गांव के सरकारी स्कूलों ने प्राइमरी स्कूल के छात्रों के लिए टैबलेट-असेसमेंट शुरू कर दिया है. 26 दिसंबर से 30 दिसंबर 2023 तक, कक्षा 1 से 3 तक के छात्र निपुण हरियाणा शिक्षक ऐप का उपयोग करके हिंदी, अंग्रेजी और गणित में पीरिऑडिक असेसमेंट देने वाले हैं. इसके लिए शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे बिना किसी परेशानी के बच्चों के इन असेसमेंट को चेक कर सकें. 

ये कैसे काम करता है? 

टैबलेट पर एग्जाम देना कहीं न कहीं ट्रेडिशनल एग्जामिनेशन मेथड को हटा देगा. छात्रों का अंग्रेजी, हिंदी और गणित का टेस्ट लिया जाएगा. हर पेपर अधिकतम 100 अंकों का होगा. विशेष रूप से, टैबलेट पर रिस्पॉन्स के लिए 80 मार्क्स दिए, जबकि बचे हुए 20 मार्क्स पर्सनल असिस्टेंट पर आधारित होंगे. 

निपुण हरियाणा शिक्षक ऐप से होगी चेकिंग 

टैबलेट-बेस्ड एग्जाम को सुविधाजनक बनाने के लिए, शिक्षक निपुण हरियाणा शिक्षक ऐप के माध्यम से सवाल पूछेंगे और छात्र अपने उत्तर सीधे ऐप में डालेंगे. रिस्पॉन्स ओरल या लिखित रूप में, टैबलेट पर या शीट पर दिए जा सकेंगे. एक बार असेसमेंट पूरा हो जाने पर, शिक्षक उत्तरों को ऐप पर सेव कर लेंगे, और उसके परिणाम ऐप पर उपलब्ध होंगे, जिन्हें छात्र आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. 

इनोवेटिव ओरल रीडिंग फ्रीक्वेंसी (ORF) टेस्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, असेसमेंट के एक सेक्शन के रूप में, निपुण ऐप का उपयोग करके एक ओरल रीडिंग फ्रीक्वेंसी (ORF) टेस्ट भी आयोजित किया जाएगा. यह फीचर रीडिंग टाइम को कैलकुलेट करेगा और गलत उच्चारण वाले शब्दों की पहचान करेगा, जिससे छात्र अपना उच्चारण सही कर सकते हैं.

शिक्षकों को सशक्त बनाना

इस तकनीकी बदलाव को अपनाने का मकसद शिक्षकों को सशक्त बनाना है. ऐप की विशेषताओं और दिशानिर्देशों से शिक्षकों से परिचित करवाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग ली गई है. जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सरोज दहिया ने ऐप की सुविधाओं के बारे में बात हुए कहा कि आने वाले टाइम में बच्चे ने कितनी प्रोग्रेस की है इसको माता-पिता ट्रैक कर सकेंगे. साथ ही मां-बाप आसानी से क्लासवर्क-होमवर्क और असाइनमेंट देख सकेंगे.


 

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