युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए सेमरियावां ब्लॉक में करोड़ों रुपये की लागत से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का निर्माण कराया गया था. यह परियोजना वर्ष 2013 में स्वीकृत हुई थी और वर्ष 2017-18 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया. लेकिन हैरानी की बात यह है कि भवन तैयार होने के करीब आठ साल बाद भी यहां पढ़ाई और प्रशिक्षण का काम शुरू नहीं हो सका है.
आईटीआई परिसर में आधुनिक कक्षाएं, छात्रावास और प्रशासनिक सुविधाएं मौजूद हैं. इसके बावजूद संस्थान आज तक खाली पड़ा हुआ है. जहां युवाओं को प्रशिक्षण मिलना चाहिए था, वहां आज सन्नाटा दिखाई देता है. लंबे समय से उपयोग न होने के कारण भवन और अन्य संसाधन भी धीरे-धीरे खराब होने लगे हैं.
युवाओं को दूसरे जिलों का करना पड़ता है रुख
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आईटीआई शुरू हो जाए तो क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा. इससे युवाओं को बेहतर शिक्षा मिलेगी और रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. इस मुद्दे को जिला पंचायत सदस्य कायनात फातिमा, मोहम्मद अहमद, फूलचंद, वसी अहमद, अंशु चंद्रा और आदित्य चंद्रा समेत कई लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने उठाया है. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.
इस मामले पर जिलाधिकारी ने बताया कि संस्थान के लिए नियुक्तियों और फर्नीचर की व्यवस्था हेतु बजट मांगा गया है. जैसे ही बजट की स्वीकृति मिलेगी, उसे तुरंत अमल में लाकर आईटीआई का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
रिपोर्टर: आलमगीर
ये भी पढ़ें: