आर्थिक तंगी की वजह से कई मेधावी छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सपना पूरा नहीं कर पाते. ऐसे छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना मददगार साबित हो रही है. सोनभद्र में इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को सिविल सेवा, NEET, JEE समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बिल्कुल मुफ्त कराई जा रही है.
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत साल 2021 में हुई थी. पहले इसका संचालन मंडल स्तर पर किया जाता था, लेकिन अब इसे जनपद स्तर तक विस्तार दिया गया है. आने वाले समय में योजना को तहसील स्तर तक ले जाने की तैयारी है. सोनभद्र में फिलहाल दो अभ्युदय कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं. एक केंद्र डीपीआरसी भवन में और दूसरा लोढ़ी टोल प्लाजा के पास चल रहा है. दोनों केंद्रों पर कुल 202 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं.
सिविल सेवा से लेकर NEET और JEE की तैयारी
पंजीकृत छात्रों में 85 छात्र सिविल सेवा परीक्षा, 47 NEET, 35 JEE और 35 छात्र अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. छात्रों को पढ़ाने और मार्गदर्शन देने के लिए 26 पैनल शिक्षक लगातार कक्षाएं ले रहे हैं. इसके अलावा दिल्ली, वाराणसी और दूसरे शहरों से विशेषज्ञ शिक्षकों को भी बुलाया जाता है. बाहरी शिक्षकों को प्रति लेक्चर 2 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है.
छात्रों को आर्थिक मदद के साथ बेहतर मार्गदर्शन
जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक सोनभद्र आकांक्षी और अपेक्षाकृत पिछड़ा जिला है. ऐसे में कोशिश है कि यहां के मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का मौका मिले और पैसे की कमी उनके सपनों के रास्ते में बाधा न बने.
कोचिंग में पढ़ रहे छात्र भी इस योजना से खुश हैं. उनका कहना है कि यहां पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त है और शिक्षक कठिन विषयों को भी आसान तरीके से समझाते हैं. छात्रों के मुताबिक बाहर से आने वाले विशेषज्ञ शिक्षक पूरे सिलेबस की अच्छी जानकारी के साथ पढ़ाते हैं. उन्हें उम्मीद है कि इस मुफ्त कोचिंग की मदद से वे आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे.
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