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UPSC AIR 18: पिता की मौत के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, 7-8 घंटे करती थीं पढ़ाई... Noida की रहने वाली Wardah Khan ने UPSC में हासिल की 18वीं रैंक

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में नोएडा की रहने वाली वर्दा खान का यह दूसरा प्रयास था. 2022 में पहली बार जब वर्दा ने UPSC का एग्जाम दिया था, उस वक्त उनका प्री एक्जाम भी नहीं निकल पाया था और उसके बाद ही उन्होंने अपने कमियों को पहचाना और दोबारा तैयारी शुरू की. 

Wardah khan
gnttv.com
  • नोएडा ,
  • 17 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST
  • प्रयागराज से हुई वर्दा की पढ़ाई 
  • रोज 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं वर्दा

संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2023 का रिजल्ट जारी कर दिया है. नोएडा के कई छात्रों ने भी UPSC में बाजी मारी है. नोएडा की रहने वाली वर्दा खान ने UPSC की इस परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की है. रिजल्ट आने के बाद वर्दा के परिवार में खुशी का माहौल है. ये परिवार में पहली बच्ची है जिसने UPSC क्लियर किया है.

मूलरूप से प्रयागराज की रहने वाली वर्दा नोएडा के सेक्टर 82 स्थित विवेक विहार सोसायटी में रहती हैं. UPSC के रिजल्ट में वर्दा खान की 18वीं रैंक आई है. परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है और बधाई देने वालो का तांता लगा हुआ है. घरवालों के अनुसार वर्दा शुरू से ही पढ़ने में तेज थी. सिविल सेवा परीक्षा में ये वर्दा का दूसरा प्रयास था. वर्दा के मुताबिक 2022 में पहली बार जब उन्होंने UPSC का एग्जाम दिया था, उस वक्त उनका प्री. भी नहीं निकल पाया था और उसके बाद ही उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और दोबारा तैयारी शुरू की. 

प्रयागराज से हुई पढ़ाई 

वर्दा की शुरुआती पढ़ाई इलाहाबाद यानी प्रयागराज से हुई है. 2015 में वर्दा के पिता की मृत्यु हो गई थी जिसके बाद वर्दा अपनी मां अफसर जहां के साथ नोएडा शिफ्ट हो गई थीं. 10वीं के बाद वर्दा ने कॉमर्स लिया और फिर 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. वर्दा की मां अफसर जहां केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाती हैं. पिता की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वर्दा ने कॉरपोरेट नौकरी ज्वाइन की लेकिन सिविल सर्विस के तैयारी के लिए वर्दा ने नौकरी छोड़ दी और फिर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी.

जानिए पिछले 10 साल के यूपीएससी टॉपर्स के बारे में 

7 से 8 घंटे करती थीं पढ़ाई 

वर्दा ने बातचीत के दौरान बताया कि वे रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करती थीं. 2022 में पहले प्रयास के बाद ही उन्हें समझ आ गया था कि आगे उन्हें किस तरह तैयारी करनी है. वर्दा ने सोशल मीडिया के जरिए भी पुराने टॉपर्स के नोट्स पढ़कर तैयारी की. वर्दा ने बताया की वो सोशल मीडिया का अच्छा इस्तेमाल करती थीं और कई संदेह उनके सोशल मीडिया से क्लियर हुए. रोजाना अखबार पढ़ती थीं, ताकि करेंट अफेयर्स ठीक हो सके. वर्दा ने कहा कि परिवार ने उनका खूब सहयोग किया जिस वजह से आज वो सफल हो पाईं. 

(भूपेन्द्र चौधरी की रिपोर्ट)


 

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