UPSC New Rule: IAS, IPS, IFS को सिविल एग्जाम बार-बार देने और सेवा बदलने का दूसरा मौका नहीं, यूपीएससी ने बदले नियम

UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसमें IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं में पहले से कार्यरत अभ्यर्थियों के दोबारा परीक्षा देने, सेवा बदलने और अटेंप्ट के उपयोग को लेकर नई शर्तें तय की गई हैं. आइए यूपीएससी के बदले नियमों के बारे में जानते हैं. 

UPSC New Rule
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:50 AM IST

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (Civil Services Exam 2026) की अधिसूचना (Notification) जारी कर दिया है. इसमें IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं में पहले से कार्यरत अभ्यर्थियों के दोबारा परीक्षा देने, सेवा बदलने और अटेंप्ट के उपयोग को लेकर नई शर्तें तय की गई हैं. संघ लोक सेवा आयोग ने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि कौन से उम्मीदवार आगे की परीक्षा चरणों में बैठ सकेंगे और किन्हें वंचित किया जाएगा. नए नियमों से बार-बार प्रयास और सेवा बदलाव की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सख्त बनाया गया है.

इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन
संघ लोक सेवा आयोग ने बताया है कि सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के जरिए IAS, IPS, IFS, IRS सहित कई ग्रुप A और B सेवाओं में भर्ती होगी. कुल 933 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 24 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.

पहले से चयनित IAS और IFS नहीं दे सकते एग्जाम 
UPSC के नए नियमों के मुताबिक यदि किसी अभ्यर्थी का चयन पहले ही IPS के लिए हो चुका है तो वह CSE 2026 के जरिए दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकता. इसका मतलब है कि वे फिर से आईपीएस कैडर चुनने के पात्र नहीं होंगे. इतना ही नहीं कार्यरत आईएएस और आईएफएस अधिकारी भी अब CSE 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे. यदि किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति मेन परीक्षा से पहले होती है, तो वह मेन परीक्षा नहीं दे पाएगा.  मेन परीक्षा के बाद और फाइनल रिजल्ट से पहले नियुक्ति होने पर भी उसे नई परीक्षा के आधार पर सेवा आवंटन नहीं मिलेगा.

कब मिलेगा CSE में दोबारा बैठने का मौका 
वैसे अभ्यर्थी जो CSE 2026 के जरिए आईपीएस या अन्य ग्रुप A सेवा पाते हैं और 2027 में फिर एग्जाम में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए विशेष प्रावधान किया गया है. ऐसे अभ्यर्थियों को तभी परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा जब, उन्हें संबंधित विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. ध्यान रखें बिना अनुमति प्रशिक्षण छोड़ने पर सेवा आवंटन रद्द हो जाएगा. यदि वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.

मिलेगा एक विशेष अवसर
वैसे अभ्यर्थी जो CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें एग्जाम में बैठने के लिए एक विशेष अवसर दिया जाएगा. ऐसे उम्मीदवार बिना इस्तीफा दिए CSE 2026 या 2027 में से किसी एक परीक्षा में बैठ सकते हैं. ध्यान रखें 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए सेवा से इस्तीफा देना जरूरी होगा.  सिविल सेवा परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया गया है. अभ्यर्थियों को अब एक नए चार-चरणों वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह से आधार से जुड़ा होगा. 

 

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