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Uttar Pradesh: यूपी में इन जिलों में स्कूल पहुंचने वाले छात्रों को मिलेगा 6000 रुपए सालाना, ये हैं शर्तें

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के 6 जिलों में उन छात्रों को सरकार भत्ता देगी, जो 5 किलोमीटर से राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं. इन जिलों में झांसी, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, महोबा और बांदा शामिल है. उन छात्रों को 6000 रुपए सालाना मिलेगा.

Students will get a travel allowance of Rs 6000 (Photo/Meta AI)
gnttv.com
  • लखनऊ,
  • 11 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा को सुलभ और सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. अब बुंदेलखंड के छह जिलों झांसी, चित्रकूट, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और दूरस्थ सोनभद्र के उन विद्यार्थियों को सरकार यात्रा भत्ता देगी, जो राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से पांच किलोमीटर या अधिक दूरी पर रहते हैं. इस योजना का उद्देश्य है कि छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके और स्कूल जाना किसी बोझ या कठिनाई का कारण न बने.

स्कूल जाने पर मिलेंगे 6 हजार रुपए-
सरकार की इस योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को वार्षिक ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. यह सहायता सीधे छात्रों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाएगी. यात्रा भत्ते की पहली किस्त आगामी 5 सितंबर को जारी की जा सकती है.

इस योजना का लाभ प्रधानमंत्री स्कूल विकास योजना पीएम श्री के तहत चयनित 146 राजकीय विद्यालयों की छात्राओं को भी मिलेगा. खास बात यह है कि योजना को इसी शैक्षिक सत्र से लागू किया जा रहा है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को तुरंत राहत मिलेगी.

कैसे मिलेगा योजना का फायदा?
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक प्रोफार्मा तैयार किया है, जिसे छात्र-छात्राओं को भरकर देना होगा. इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि उनके घर से पांच किलोमीटर के भीतर कोई राजकीय माध्यमिक विद्यालय नहीं है. ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान और विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य इस घोषणा की सत्यापन करेंगे. शहरी क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी स्थानीय पार्षदों को दी गई है. सत्यापन के बाद पात्र छात्रों को यात्रा भत्ता उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा.

उपस्थिति होगी अनिवार्य-
योजना की सबसे अहम शर्त यह है कि लाभ प्राप्त करने वाले छात्रों की विद्यालय में नियमित उपस्थिति होनी चाहिए. साथ ही, कम से कम 10 प्रतिशत उपस्थिति में वृद्धि भी अनिवार्य है. इससे न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि छात्रों में अनुशासन और निरंतरता की भावना भी विकसित होगी.

लाभार्थियों की संख्या-
बुंदेलखंड और सोनभद्र में योजना से करीब 24,000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे. वहीं पीएम श्री योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों में पढ़ने वाली 4,000 छात्राएं इस योजना की पात्र होंगी.

(अंकित शर्मा की रिपोर्ट)

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