ऑपरेशन कायाकल्प की शुरुआत जून 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई थी. यह कार्यक्रम विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच समन्वय के माध्यम से संचालित होता है. इसके तहत समग्र शिक्षा, ग्राम पंचायत निधि, जिला खनिज फाउंडेशन निधि, शहरी क्षेत्र की निधि, जल जीवन मिशन और मनरेगा सहित विभिन्न स्रोतों से संसाधनों का उपयोग किया जाता है.
19 बुनियादी ढांचागत मानक-
कार्यक्रम के तहत 19 बुनियादी ढांचागत मानकों पर ध्यान दिया जाता है. इनमें स्वच्छ पेयजल, बालक-बालिकाओं और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग शौचालय, हैंडवॉश यूनिट, कक्षा में टाइल्स, आधुनिक ब्लैकबोर्ड, कार्यशील रसोईघर, रंगाई-पुताई, रैंप और रेलिंग, बिजली और वायरिंग, साफ-सफाई, पुस्तकालय और फर्नीचर जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
दिव्यांगों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस-
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बाल-अनुकूल और दिव्यांगों के लिए सुलभ स्कूल Infrastructure पर भी ध्यान दिया गया है. राज्य ने UNICEF के सहयोग से ऐसी सुविधाओं के लिए तकनीकी और परिचालन संबंधी मैनुअल तैयार किया है. स्कूलों के निर्माण और सुधार से जुड़े हितधारकों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण भी किया जाता है.
निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था-
कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी के लिए फोटो प्रोटोकॉल, जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. 2023–24 की समग्र शिक्षा समीक्षा में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर निगरानी व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार के 2025 के एक प्रकाशन के अनुसार, 19 ऑपरेशन कायाकल्प मानकों के तहत 97% स्कूलों में संतृप्ति हासिल की जा चुकी थी.
ऑपरेशन कायाकल्प का मुख्य फोकस सरकारी स्कूलों के भौतिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना है, ताकि उत्तर प्रदेश के बच्चों के लिए स्कूलों में अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, सुलभ और बेहतर सुविधाओं वाला वातावरण तैयार किया जा सके.
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