सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के लाखों विद्यार्थियों से जुड़े APAAR ID (अपार आईडी) के संबंध में एक अहम फैसला सुनाया है. शीर्ष कोर्ट ने साफ किया है कि अपार आईडी किसी भी स्टूडेंट्स का पैरेंट्स की सहमति के बाद ही बनेगा. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSC) को उड़ीसा हाईकोर्ट के उस फैसले को पूरे देश में लागू करने का निर्देश दिया है, जिसमें अपार आईडी जारी करने के लिए माडल सहमति पत्र में बदलाव करने को कहा गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब APAAR ID नहीं होने के आधार पर स्कूल किसी भी स्टूडेंट को एडमिशन देने, परीक्षा रजिस्ट्रेशन करने या मार्कशीट जारी करने से मना नहीं कर सकते हैं.
क्या है अपार
अपार का पूरा नाम स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्ट्री (Automated Permanent Academic Account Registry) है. इसको शिक्षा मंत्रालयल की ओर से एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी पहल के तहत शुरू किया गया है. अपार 12 अंकों का एक विशिष्ट डिजिटल पहचान नंबर है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का हिस्सा है. APAAR ID में स्टूडेंट्स की एजुकेशन से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है. इसमें छात्र का नाम, जन्मतिथि, स्कूल, शैक्षणिक रिकॉर्ड, परीक्षा परिणाम, विद्यार्थी की मार्कशीट, डिग्री, सर्टिफिकेट, क्रेडिट स्कोर, पुरस्कार, शैक्षणिक उपलब्धियां जैसी जानकारियां सुरक्षित रहती हैं. इतना ही नहीं कुछ मामलों में इसमें विद्यार्थी की ऊंचाई और वजन जैसी व्यक्तिगत जानकारी भी दर्ज की जा सकती है.
अपार आईडी को लेकर क्या थी आपत्ति
अपार आईडी को लेकर कई विद्यार्थियों के अभिभावकों का आरोप था कि कई स्कूल और संस्थान छात्रों पर अपार आईडी बनवाने का दबाव बना रहे हैं. उनका आरोप था कि कई स्कूल आधार और अपार आईडी नहीं होने पर छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दे रहे हैं. पैरेंट्स कहना था कि बच्चों का इतना बड़ा डिजिटल डेटा एक जगह होने से डेटा लीक होने का खतरा बढ़ सकता है. यदि किसी कारण से डेटा का गलत इस्तेमाल होता है तो बच्चों की निजता प्रभावित हो सकती है.
इस मामले में 4 विद्यार्थियों के पैरेंट्स की ओर से दायर याचिका के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अभिभावकों की ओर से पैरवी की. उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे किसी डिजिटल आईडी या आधार से नहीं जोड़ा जा सकता. उन्होंने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act 2023) के तहत विद्यार्थियों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक केएस पुट्टस्वामी फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें निजता को मौलिक अधिकार माना गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से क्या कहा
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी.मोहना की पीठ ने अपार आईडी को लेकर सुनवाई के दौरान सीबीएसई से कहा है कि CBSE को अपने मॉडल कंसेंट फॉर्म में बदलाव करना होगा. अब अभिभावकों को स्पष्ट रूप से यह विकल्प देना होगा कि वे अपने बच्चे के लिए अपार आईडी बनवाना चाहते हैं या वे इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते.
किसी भी पैरेंट्स को बिना स्पष्ट सहमति के इस योजना में शामिल नहीं किया जा सकेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने ओडिशा हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के फैसले को चुनौती नहीं दी है इसलिए अब उसी फैसले को पूरे देश में लागू किया जाएगा. उधर, सरकार और सीबीएसई का कहना है कि अपार ID विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बनाई गई है. इसका उद्देश्य स्टूडेंट का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है ताकि भविष्य में उन्हें बार-बार दस्तावेज जमा न करने पड़ें. कॉलेज बदलने, किसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने या नौकरी के दौरान बार-बार मार्कशीट और प्रमाणपत्र जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार का कहना है कि यह अपार पूरी तरह छात्र-छात्राओं के के हित में है और इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और आसान बनेगी. अपार आईडी से फर्जी दस्तावेजों की संभावना कम होगी और दस्तावेज खोने का डर भी नहीं रहेगा.
APAAR ID बनवाने के लिए सबसे पहले करना होगा यह काम
APAAR ID को बनवाने के लिए माता-पिता को APAAR पोर्टल से कंसेंट फॉर्म डाउनलोड कर उसे भरकर स्कूल में जमा करना होता है. इसके लिए सबसे पहले APAAR की वेबसाइट https://apaar.education.gov.in/ पर जाना होगा. फिर वहां Resources सेक्शन में जाकर APAAR पैरेंटल कंसेंट फॉर्म डाउनलोड करना होगा. इसके बाद उसमें सभी डिटेल्स भरने के बाद फॉर्म को उस स्कूल में जमा करना होगा, जहां बच्चा पढ़ाई करता है. आपको मालूम हो कि छात्र का विवरण ABC पोर्टल और DigiLocker के माध्यम से सत्यापित किया जाता है.
ऐसे बनवा सकते हैं APAAR ID
1. APAAR ID बनवाने के लिए शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली वेबसाइट Academic Bank of Credit (ABC) https://www.abc.gov.in/ पर जाना होगा.
2. इसके बाद वहां My Account सेक्शन पर क्लिक करना होगा. इसके बाद Student का ऑप्शन चुनना होगा.
3. फिर DigiLocker पर रजिस्टर करना होगा. इसके लिए छात्र को अपना आधार नंबर और अन्य डिटेल्स देनी होंगी.
4. अब DigiLocker में लॉग-इन करने के बाद KYC वेरिफिकेशन के लिए आधार डिटेल्स शेयर करनी होंगी.
5. इसके बाद कुछ अन्य डिटेल्स जैसे- अकैडमिक जानकारियां, स्कूल का नाम वगैरह देनी होंगी.
6. इसके बाद फॉर्म सबमिट करने के बाद APAAR ID तैयार हो जाएगी.
7. APAAR ID कार्ड को डाउनलोड करने के लिए फिर से Academic Bank of Credit वेबसाइट में जाना होगा और लॉग-इन करना होगा.
8. इसके बाद डैशबोर्ड में APAAR card download का ऑप्शन मिल जाएगा.
9. अब इस अपार आईडी को डाउनलोड या प्रिंट करने का ऑप्शन मिलेगा, उसे प्रोसेस करना होगा.