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Ghaziabad Loksabha 2024: वोट प्रतिशत बढ़ाने को हाई राइज सोसाइटीज में ही बूथ, 2019 में 1 प्रतिशत कम हुआ था मतदान

यूपी का गेटवे कहे जाने वाले गाजियाबाद दिल्ली से सटी हुई लोकसभा सीट होने के कारण बहुत ही महत्वपूर्ण है VVIP है क्योंकि यहां से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद चुनाव लड़ चुके हैं.

polling booth
gnttv.com
  • गाजियाबाद,
  • 25 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST

बढ़ते हुए तापमान को देखते हुए आम वोटर के साथ ही प्रत्याशियों की भी धड़कनें बढ़ रही हैं. लिहाजा पहले चरण में कम हुए चुनाव मतदान से सबक लेते हुए दूसरे चरण के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद लोकसभा सीट पर विशेष ध्यान शहरी वोटर पर है. ट्रांस हिण्डन एरिया में करीब 250 हाई राइस सोसाइटीज हैं. जिनमें घटते वोट प्रतिशत को देखते हुए पहली बार वोटर के फ्लैट से निकलते वोटिंग बूथ मिल जाएगा. 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव मतदान को लेकर गाजियाबाद ट्रांस हिंडन की करीब 20 सोसाइटी में पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. वही गाजियाबाद पुलिस समेत सुरक्षा में करीब करीब 10000 फोर्स तैनात रहेगी.

फ्लैट से निकलते ही मिल जायेंगे बूथ
ऐसा पहली बार होगा जब इंदिरापुरम की तकरीबन ढाई सौ सोसाइटीज में हाई राइज वोटर को बूथ तक ले जाने के लिए कई सारे इंतजाम किए गए हैं. शिप्रा सनसिटी, ऋषभ पैराडाइज, ATS एडवांटेज, शिप्रा रिवेरा सोसायटी, गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी, ऑरेंज काउंटी समिति, शालीमार सिटी, कृष्णा अपरा क्लाउड 9. कुछ सोसाइटीज ने बुजुर्गों को पोलिंग बूथ तक ले जाने के इंतज़ाम किए हैं. 

गाजियाबाद लोकसभा सीट पर कल यानि 26 अप्रैल को मतदान होगा. 14 महारथियों के बीच चुनावी जंग होगी. मुख्य मुकाबला भाजपा के अतुल गर्ग, कांग्रेस से डॉली शर्मा और बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर नंदकिशोर पुंडीर के बीच चुनावी महासमर होगा.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के वक्त गाजियाबाद का क्षेत्र 1957 में हापुड़ लोकसभा सीट में आता था. 2004 में हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतिम सांसद कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल थे. 2008 में हुए परिसीमन के बाद गाजियाबाद सीट अस्तित्व में आई थी. साल 2009 में चुनाव हुए और यहां से बीजेपी के राजनाथ सिंह ने जीत दर्ज की. हापुड़ लोकसभा सीट के साथ जोड़कर देखा जाए तो इस सीट पर करीब सात बार बीजेपी का तो 5 बार कांग्रेस का कब्जा रहा है. 

गाजियाबाद लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं बीके सिंह. गाजियाबाद में पांच विधायक, मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष पार्टी का ही होने के कारण यह सीट बीजेपी के लिए सुरक्षित मानी जाती है. अब तक की सबसे बड़ी जीत के तौर पर गाजियाबाद लोकसभा सीट से रिकॉर्ड वीके सिंह के नाम पर है जो उन्होंने 2014 में बनाया था. साल 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनाव में 5 लाख से अधिक वोटो से चुनाव जीतने वाले इकलौते सांसद हैं.

गाजियाबाद सीट पर वोटिंग प्रतिशत
 
साल 2014 56.9 प्रतिशत 
 
साल 2019 55.89 प्रतिशत 

बीजेपी के सामने चौथी बार बढ़ा वोट प्रतिशत बरकार रखने की चुनौती 
यूपी का गेटवे कहे जाने वाले गाजियाबाद दिल्ली से सटी हुई लोकसभा सीट होने के कारण बहुत ही महत्वपूर्ण है VVIP है क्योंकि यहां से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद चुनाव लड़ चुके हैं. इस लोकसभा सीट के अंतर्गत चार विधानसभा क्षेत्र लोनी, साहिबाबाद, गाजियाबाद और मुरादनगर के अलावा धौलाना विधानसभा का कुछ हिस्सा आता है. चुनाव आयोग के के मुताबिक इस बार 29 लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे. 

2009 की तुलना में 2014 में कांग्रेस के वोट बैंक में 18.15 फ़ीसदी की गिरावट आई जबकि बसपा के वोट बैंक में 8.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई वहीं भाजपा के वोट बैंक में 13.17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. अब 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना 2019 से करने पर आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस के वोट बैंक में 6.91 फीसदी गिरावट आई भाजपा के वोट बैंक में 5.45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई 2019 का चुनाव सपा और बसपा ने मिलकर लड़ा था तो वोट बैंक में 21.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी 

पिछले दो लोकसभा चुनाव के परिणाम 

लोकसभा चुनाव 2014

बीजेपी राजनाथ सिंह 43.34%
कांग्रेस सुरेंद्र गोयल 32.41% 
बसपा अमरपाल शर्मा 21.7 3% 

लोकसभा चुनाव 2019

वीके सिंह 61.93% 
सपा सुरेंद्र बंसल 29.06% 
कांग्रेस डाली शर्मा 7.34 प्रतिशत 

-राम किंकर सिंह की रिपोर्ट

 

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