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Khajuraho Lok Sabha Seat: 20 साल से BJP का कब्जा, यादव वोटर्स की बहुलता...जानें क्या है खजुराहो लोकसभा सीट का समीकरण

Khajuraho Lok Sabha Seat: खजुराहो से इस बार बीजेपी ने एक बार फिर अपने पूराने सिपाही विष्णु दत्त शर्मा को मैदान में उतारा है तो वहीं सपा ने मीरा यादव पर भरोसा जताया है. विष्णु दत्त शर्मा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और 2019 चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं.

Khajuraho Lok Sabha Seat
केतन कुंदन
  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

मध्य प्रदेश की हॉट सीटों में से एक खजुराहो न सिर्फ राजनीतिक कारणों से बल्कि ऐतिहासिक वजहों से भी पूरी दुनिया में मशहूर है. प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर  खजुराहो का पर्यटन की क्षेत्र में अलग ही जलवा है. इसी लोकसभी सीट के अंतर्गत आने वाले पन्ना में हीरा की खदानें हैं. भाजपा का गढ़ माने जाने वाली इस सीट से प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 4 बार जीत दर्ज की है. हालांकि इस बार चुनाव बेहद ही दिलचस्प होने जा रहा है. क्योंकि इस बार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के सामने सपा की मीरा यादव मैदान में होंगी. इंडिया गठबंधन ने ये सीट सपा को दी है और पार्टी ने बाहुबली नेता दीपनारायण सिंह यादव की पत्नी मीरा यादव पर भरोसा जताया है.

कौन हैं बीजेपी के विष्णु दत्त शर्मा और सपा की मीरा यादव

* विष्णु दत्त शर्मा

1986 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े. पार्टी ने इन्हें 2014 लोकसभा चुनाव में 6 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रभारी बनाया. 2016 में प्रदेश महामंत्री बनाए गए. 2019 के चुनाव में खजुराहो सीट से करीब 5 लाख वोटों से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे. पार्टी ने उन्हें 2020 में प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया.

* मीरा यादव

अगर बात करें सपा की मीरा यादव को तो 2008 में वो निवाड़ी सीट से विधानसभा का चुनाव जीत चुकी हैं. उनके पति बाहुबली नेता दीपनारायण सिंह यादव को अखिलेश यादव का करीबी बताया जाता है. खुद दीपनारायण सिंह दो बार (2007, 2012)में  गरोठ सीट से विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं. 

1999 के बाद से नहीं जीती कांग्रेस

1999 के बाद से चुनाव दर चुनाव कांग्रेस इस सीट पर जीत तलाशती रही लेकिन हर बार हार ही हुई है. या यूं कह लें कि 1999 के चुनाव को छोड़ दिया जाए तो 1989 के बाद लगातार भाजपा ने यहां परचम लहराया है. 1989 से 1999 तक उमा भारती ने जीत दर्ज की उसके बाद एक बार कांग्रेस आई और फिर भाजपा ने कमबैक किया और लगातार बनी हुई है. इसी जीत के रथ को रोकने के लिए सपा ने चक्रव्यूह रचते हुए मीरा यादव को मैदान में उतारा है. बता दें कि ये सीट उत्तर प्रदेश की सीमा से सटी हुई है और यहां यादव वोटरों की संख्या भी ज्यादा है.

2019 का जनादेश

मोदी लहर में बीजेपी ने इस सीट से बड़ी जीत दर्ज की. पहली बार चुनाव लड़ रहे विष्णु दत्त शर्मा ने कांग्रेस की कविता सिंह नातीराजा को 4 लाख 92 हजार 382 वोटों से करारी शिकस्त दी. इस चुनाव में वीडी शर्मा को 8 लाख 11 हजार 135 वोट प्राप्त हुए थे. 2019 से पहले के 3 चुनाव पर नजर डालें तो भाजपा को इतनी बड़ी जीत नहीं मिली थी. ऐसे में इस बार भी बीजेपी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है.

विधानसभा सीट और जातिगत समीकरण

 प्राचीन और मध्यकालीन मंदिरों की मूर्तिकला के लिए मशहूर खजुराहो लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें राजनगर,चांदला,पन्ना,विजयराघवगढ़,पवई,गुन्नौर,बहोरीबंद और मुड़वारा आती हैं. इस सांसदीय सीट पर 18 लाख 31 हजार 837 वोटर्स हैं. जिनमें 9 लाख 65 हजार 170 पुरुष मतदाता और 8 लाख 66 हजार 641 महिला मतदाता हैं. वहीं थर्ड जेंडर 26 हैं. ओबीसी मतदाता बाहुल्य इस सीट पर यादव मतदाताओं की संख्या ज्यादा है और यही वजह है कि इंडिया गठबंधन ने ये सीट सपा को दी है और सपा ने मीरा यादव को चुनाव में उतारा है.

 

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