Punjab Assembly Election 2022: टेंट हाउस के ब‍िजनेस से पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री तक, जानिए चरणजीत सिंह चन्‍नी का पूरा राजनीतिक सफर

राहुल गांधी ने लुधियाना में रविवार को चरणजीत सिंह चन्‍नी के नाम पर मुहर लगा दी. पंजाब में कांग्रेस ने अपना सीएम उम्‍मीदवार मौजूदा मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बनाया है.

चरणजीत सिंह चन्‍नी (फाइल फोटो)
श्रुति श्रीवास्तव
  • नई दिल्ली ,
  • 06 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:17 PM IST
  • चरणजीत सिंह चन्‍नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बने हैं.
  • पंजाब में कांग्रेस ने अपना सीएम उम्‍मीदवार मौजूदा मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बनाया है.

Punjab Assembly Election 2022: विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस ने आज पंजाब में मुख्यमंत्री पद के लिए कैंडीडेट का एलान कर दिया है. पंजाब में कांग्रेस की सत्ता में दोबारा वापसी के लिए प्रचार में जुटे राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि राज्य में पार्टी का सीएम पद का चेहरा कौन होगा. लुधियाना में आयोजित एक वर्चुअल रैली में राहुल गांधी ने एलान करते हुए कहा कि पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ही राज्य में कांग्रेस के सीएम पद का चेहरा होंगे. रैली में राहुल गांधी के साथ नवजोत सिंह सिद्धू, चरणजीत सिंह चन्नी और सुनील जाखड़ मौजूद थे. सीएम पद के कैंडीडेट की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये मेरा फैसला नहीं है, बल्कि ये पंजाब का फैसला है. 

राहुल गांधी ने लुधियाना में रविवार को चरणजीत सिंह चन्‍नी के नाम पर मुहर लगा दी. पंजाब में कांग्रेस ने अपना सीएम उम्‍मीदवार मौजूदा मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बनाया है. जिसके साथ ही प्रदेश अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू होड़ से बाहर हो गए हैं. सीएम उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी इस बार अपनी परंपरागत चमकौर साहिब के अलावा भदौर सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं. सितंबर 2021 में पंजाब का मुख्यमंत्री बनने से पहले तक जो चन्‍नी बड़ा चेहरा नहीं थे. मगर इसके बाद प्रदेश में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि नगरपालिका की राजनीति से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर करने वाले चरणजीत सिंह चन्नी कौन हैं?

पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री 

सितंबर 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के 16वें मुख्‍यमंत्री बने. मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही उन्होंने अपने नाम एक र‍िकॉर्ड दर्ज क‍िया. चरणजीत सिंह चन्‍नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बने हैं. पंजाब की नगर पाल‍िका से राजनीति में इंट्री करने वाले चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सियासी यात्रा में एक पार्षद से मुख्यमंत्री तक सफर तय क‍िया है. चन्नी पहले शिरोमणि अकाली दल के सदस्य भी रहे हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही एक दलित नेता के तौर पर चन्‍नी को कांग्रेस में वापि‍स शामिल करवाया था, लेक‍िन स‍ियासी गण‍ित ऐसा उलझा क‍ि कैप्‍टन अमर‍िंदर सिंह को कांग्रेस से व‍िदाई लेनी पड़ी और उनकी जगह चरणजीत सिंह चन्‍नी पंजाब के मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर बैठे. 

टेंट हाउस से शुरू किया राजीनित‍िक सफर 

चमकौर साहिब के मकराना कला गांव में 1 मार्च, 1963 को पैदा हुए चन्नी के पिता का नाम हर्षा सिंह और मां का नाम अजमेर कौर है. बताया जाता है कि अरब देश से वापस लौटने के बाद उनके पिता ने खरड़ में टेंट हाउस का काम शुरू किया. जहां अपनी जवानी के द‍िनों में चन्‍नी भी काम क‍िया करते थे. यहीं से उन्होंने अपने राजीनित‍िक जीवन की शुरुआत की थी. चन्नी की पत्नी कमलजीत कौर एक डॉक्टर हैं. दोनों के दो बेटे भी हैं. 2017 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी/बीए भी किया है. 

पार्षद से मुख्यमंत्री बनने का सफर

चरणजीत सिंह चन्नी ने नगर पालिका के चुनाव से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. उन्होंने खरड़ नगर परिषद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वो दो बार नगर परिषद के अध्यक्ष भी चुने गए. चरणजीत सिंह चन्नी ने साल 2007 में चमकौर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस से टिकट मांगा था, मगर टिकट नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव में जीत हासिल की. वो कुछ समय तक अकाली दल से भी जुड़े रहे.

2007 से विधायक हैं चन्‍नी

चरणजीत सिंह चन्‍नी 2007 से श्री चमकौर साहिब से विधायक हैं. चन्नी लगातार तीन बार से कांग्रेस के विधायक हैं. वो कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में भी मंत्री थे. साल 2010 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई और 2012 के चुनाव में चकमौर साहिब से टिकट दिया. चन्नी ने खुद को साबित करते हुए अकाली दल के जगमीत कौर को बड़े अंतर से हराया. चन्नी 2015-16 के बीच सदन में विपक्ष के नेता भी रहे. उन्होंने 2017 में लगातार तीसरी बार चकमौर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से पर्चा भरा और जीत दर्ज की. साल 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में चन्नी को तकनीकी शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. 

सीएम बनने की बात सुन रोने लगे थे 

'एजेंडा आजतक' के मंच पर चरणजीत सिंह चन्‍नी ने मुख्यमंत्री बनने की कहानी का जिक्र किया था और बताया कि कैसे उस वक्त वो रोने लगे थे, जब उनको पता चला कि वो सीएम बनने वाले हैं. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मेरे पास राहुल गांधी का फोन आया था. उन्होंने बताया कि मैं सीएम बनने वाला हूं. चन्नी ने बताया कि ये सुनते ही पहले तो मैंने सीएम बनने से इनकार किया. लेकिन जब राहुल गांधी ने आप ही सीएम बनेंगे तो मेरी आंखों से आंसू बहने लगे.

विवादों में आ चुका है नाम

साल 2018 में चरणजीत सिंह चन्‍नी पर एक महिला आईएएस अधिकारी को अनुचित मैसेज भेजने का आरोप लगा था. ज‍िसपर पंजाब महिला आयोग ने स्वत संज्ञान लिया था. बाद में चरणजीत सिंह चन्नी को उस महिला आईएएस अधिकारी से माफी मांगनी पड़ी थी. वहीं 2018 में चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो सिक्का उछाल कर अधिकारियों का ट्रांसफर और पोस्टिंग करते हुए द‍िखाई दे रहे थे.

 

 

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