राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों चुनावों में बीजेपी ने 41 फीसदी वार्डों पर कब्जा किया है. जबकि कांग्रेस को 35 फीसदी वार्डों में जीत हासिल की है. लेकिन इस चुनाव ने कई बड़े नेताओं के प्रभाव वाले इलाकों में सियासी समीकरण बदल दिए हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के इलाकों में वोटर्स ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया है. जबकि सचिन पायलट और अशोक गहलोत के वार्ड में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है.
गजेंद्र सिंह शेखावत को झटका-
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रभाव वाले जोधपुर में बीजेपी और कांग्रेस में बराबरी का मुकाबला रहा है. जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में से बीजेपी और कांग्रेस को 44-44 सीटों पर जीत मिली है. जबकि 11 सीटों पर अन्य ने जीत दर्ज की है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 56 में रहते हैं. लेकिन कांग्रेस को इस वार्ड में जीत मिली है.
सीएम भजनलाल शर्मा के गढ़ में बीजेपी को झटका-
सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में बीजेपी को झटका लगा है. 65 वार्ड वाले नगर निगम में बीजेपी को 20 सीटों पर जीत मिली है. जबकि कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटों पर जीत मिली है. इस इलाके में 36 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है. बीएसपी और आरएलपी को एक-एक सीट मिली है.
वसुंधरा राजे के गढ़ में झटका-
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में से कांग्रेस को 29 सीटों पर जीत मिली है.
बीजेपी राजस्थान अध्यक्ष के इलाके में झटका-
राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में भी कांग्रेस को 65 वार्डों में से 29 में जीत मिली है. जबकि बीजेपी को 21 सीटों पर जीत मिली है. निर्दलीय उम्मीदवारों को 15 सीटों पर जीत मिली है. पाली में बहुमत के लिए 34 सीटों की जरूरत है.
अशोक गहलोत के वार्ड में कांग्रेस की हार-
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 88 में रहते हैं. इस वार्ड में बीजेपी को जीत मिली है.
सचिन पायलट के वार्ड में कांग्रेस को झटका-
कांग्रेस लीडर सचिन पायलट जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 97 में रहते हैं. इस वार्ड में बीजेपी ने जीत दर्ज की है.
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