अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी के लोकलुभावन वादों और जमीनी स्तर पर उनकी डिलीवरी को देखते हुए अब उन्होंने भी अपने चुनावी वादों का संकेत देना शुरू कर दिया है.
बीजेपी की रणनीति को समझकर जवाबी तैयारी
विपक्ष के प्रमुख चेहरे के रूप में अखिलेश यादव यह भांप चुके हैं कि बीजेपी आने वाले समय में डीबीटी, सरकारी नौकरियों, किसानों के लिए बढ़ी हुई सम्मान राशि और महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे कदमों से मतदाताओं को साधने की कोशिश करेगी. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने भी अपने वादों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है.
हर वर्ग को साधने की कोशिश
अखिलेश यादव के वादों में युवाओं, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और हर परिवार के लिए कुछ न कुछ शामिल है. वे धीरे-धीरे इन घोषणाओं को सार्वजनिक कर रहे हैं और साथ ही यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार आगे किन योजनाओं का ऐलान कर सकती है.
महिलाओं और पेंशन पर बड़ा वादा
कुछ समय पहले लखनऊ में उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी सरकार बनती है, तो हर महिला को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके साथ ही समाजवादी पेंशन योजना को फिर से लागू करने और बुजुर्गों, विधवाओं व निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने का भी वादा किया गया है.
मुफ्त बिजली का दांव
संभावना जताई जा रही है कि चुनाव से पहले बीजेपी 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान कर सकती है. इसे देखते हुए अखिलेश यादव ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही है. यह बयान उन्होंने बुंदेलखंड से आए कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान दिया, जहां स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें सामने आई थीं.
किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं
किसानों के लिए सहायता राशि बढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने बेहतर बाजार दर पर जमीन का मुआवजा देने का आश्वासन दिया है. वहीं युवाओं के लिए बड़े स्किल हब स्थापित करने, सरकारी नौकरियों में बढ़ोतरी और बैकलॉग पदों को भरने का वादा भी किया गया है.
घोषणापत्र से पहले फीडबैक की तैयारी
इन सभी वादों को पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा, लेकिन उससे पहले अलग-अलग स्तर पर मतदाताओं से फीडबैक लेने की योजना बनाई जा रही है. इसके लिए विभिन्न एजेंसियां जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं.
चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए I-PAC जैसी एजेंसियां भी सक्रिय हो सकती हैं, जो पहले ममता बनर्जी और एम. के. स्टालिन के साथ काम कर चुकी हैं. ये एजेंसियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि किए गए वादे व्यवहारिक हों और उन्हें लागू करने की स्पष्ट योजना हो.
कानून व्यवस्था बनाम काउंटर नैरेटिव
योगी आदित्यनाथ सरकार कानून व्यवस्था और सरकारी नौकरियों को अपना मजबूत पक्ष बना रही है. ऐसे में अखिलेश यादव पहले से ही एक प्रभावी काउंटर नैरेटिव तैयार करने में जुटे हैं, ताकि 2027 के चुनाव में वे बीजेपी से एक कदम आगे रह सकें.
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