अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 53 वर्षीय पेशेवर अभिनेता हेमंत नगीनदास मोदी को गिरफ्तार किया है. अभिनेता को हत्या के एक मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. साल 2014 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था. हैरानी की बात यह है कि करीब एक दशक तक फरार रहने के दौरान भी हेमंत फिल्मों, वेब सीरीज और थिएटर में लगातार अभिनय करता रहा.
अहमदाबाद में ऐसे लगा सुराग
हेमंत मोदी मूल रूप से अहमदाबाद के नरोड़ा इलाके का रहने वाला है. हाल ही में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे ट्रैक कर लिया. पुलिस को सूचना मिली कि वह घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास एक घर में रह रहा है. इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
हत्या के मामले में मिली थी उम्रकैद
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियान के मुताबिक, साल 2005 में अहमदाबाद के नरोड़ा इलाके में हुए हत्या के मामले में कोर्ट ने हेमंत नगीनदास मोदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सजा के बाद उसे महेसाणा जेल भेजा गया था. हालांकि, साल 2014 में हेमंत को पैरोल पर रिहा किया गया था. गुजरात हाईकोर्ट ने उसे 30 दिनों की पैरोल दी थी, लेकिन तय समय खत्म होने के बाद भी उसने आत्मसमर्पण नहीं किया. इसके बाद 25 जुलाई 2014 को उसे आधिकारिक तौर पर ‘पैरोल जंपर’ घोषित कर दिया गया.
फरारी के दौरान फिल्मों और सीरियल्स में रहा एक्टिव
डीसीपी अजीत राजियान ने बताया कि फरार रहने के बावजूद हेमंत मोदी ने मनोरंजन जगत में खुद को सक्रिय बनाए रखा. इस दौरान उसने कई बड़ी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में काम किया. हेमंत ने अमिताभ बच्चन और आमिर खान की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में काम किया. वहीं रणवीर सिंह की फिल्म जयेशभाई जोरदार का भी हिस्सा रहा. इसके अलावा उसके प्रोफेशनल पोर्टफोलियो में आने वाली फिल्में लाहौर 1947 और मेट्रो इन दिनों भी शामिल बताई जा रही हैं. दक्षिण भारतीय फिल्म L2: Empuraan में भी वह नजर आया.
थिएटर और टीवी में भी निभाए किरदार
फिल्मों के अलावा हेमंत मोदी टीवी इंडस्ट्री और थिएटर में भी सक्रिय रहा. उसने वागले की दुनिया और मेरे साईं जैसे टीवी शोज में काम किया. वहीं थिएटर में युगपुरुष और गांधी विरुद्ध गोडसे जैसे नाटकों में अभिनय करता रहा.
आखिरकार 12 साल बाद गिरफ्त में आया अभिनेता
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने सालों तक कैमरे और लोगों के बीच रहने के बावजूद कोई भी उसे पहचान नहीं पाया. हालांकि, अब करीब 12 साल बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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