बॉर्डर 2 रिलीज हो गई है. रिलीज के पहले ही दिन फिल्म को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है. धुरंधर के बाद आई इस फिल्म को लेकर शुरुआती रिएक्शन पॉजिटिव हैं. दिल्ली-एनसीआर में बारिश में बावजूद लोग फिल्म देखने उमड़ पड़े हैं.
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने बॉर्डर 2 की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने बताया यह फिल्म ‘अमन की आशा’ टाइप नहीं है, बल्कि पूरी तरह से मास एंटरटेनर है. तरण आदर्श ने अपने रिव्यू में लिखा, 'पावर, पैट्रियटिज्म और प्राइड… बॉर्डर 2 दिल को गर्व से भर देती है. यह फिल्म देश और सशस्त्र बलों को सलाम करती है. स्ट्रॉन्गली रिकमेंडेड.'
उन्होंने आगे लिखा, फिल्म की आत्मा वीरता, बलिदान और भाईचारे की कहानी है, जिसे निर्देशक अनुराग सिंह ने दमदार अंदाज में पेश किया है. 1971 की जंग की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती है.
बॉर्डर 2 देखकर क्या बोले दर्शक
फिल्म के वॉर सीक्वेंस को लेकर भी जमकर तारीफ हो रही है. बड़े पैमाने पर शूट किए गए ये सीन रियलिस्टिक लगते हैं. डायलॉग्स को फिल्म की बड़ी ताकत बताया जा रहा है. देशभक्ति से भरपूर डायलॉग्स थिएटर में तालियां और सीटियां बजवाने का दम रखते हैं.
सोशल मीडिया पर भी बॉर्डर 2 को लेकर जबरदस्त क्रेज है. एक फैन ने लिखा, 'यह सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि थिएटर के लिए बना इमोशन से भरा युद्ध का अनुभव है.' वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि फिल्म में हर जगह गूजबंप्स मोमेंट्स हैं.
वरुण को किया गया था ट्रोल
कुछ फैंस का मानना है कि अगर यही माहौल रहा तो सनी देओल इस दौर में दो 500 करोड़ की फिल्में देने वाले इतिहास रच सकते हैं. बॉर्डर 2 का गाना ‘घर कब आओगे’ रिलीज होने के बाद वरुण की एक्टिंग और उनकी स्माईल वाले रिएक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स बनाए गए थे लेकिन अब तारीफ मिल रही है. कई दर्शकों का कहना है कि वरुण ने अपने दमदार परफॉर्मेंस से सबको चौंका दिया है. सनी देओल और अहान शेट्टी की परफॉर्मेंस को भी तारीफ मिल रही है.
पहली बॉर्डर की विरासत को आगे बढ़ाती है स्टोरी
बॉर्डर 2 का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी नजर आते हैं. यह फिल्म पहली बॉर्डर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कहानी का स्केल बड़ा करती है और यह दिखाती है कि वह जंग सिर्फ लोंगेवाला तक सीमित नहीं थी, बल्कि जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर लड़ी गई थी.